Name Eng. Meaning Hindi Meaning Guj. Meaning
Aabhaas fallacy 1. (मिथ्या) ज्ञान
Aabhushan ornament 1. मानव निर्मित वह वस्तु जिसके धारण करने से किसी की शोभा बढ़ जाती है। 2. आभूषित अलंकार।
Aachaar behavior, conduct; good conduct; sacred precept; rules of conduct prescribed by the scriptures or some authority; good manners. 1. जीवन में किया जाने वाला आचरण या कार्य
Aachaar Mimaanshaa ethics 1. आचरण पद्धति का वर्णन , 2. जैन परम्परा में आचार के स्तर पर श्रावक और श्रमण , ये दो श्रेणियां हैं ।
Aachaarya Head ascetic साधुओं को दीक्षा, शिक्षा देने वाले, अनेक विशिष्ट गुणों से युक्त , संघ के जो नायक हैं ऐसे साधु को आचार्य कहते हैं ।
Aachaarya Pujyapaad Swami Was there in 5th century. His scriptural creations are: Sarvarth siddhi,(tatvaarth vrutti), Samaadhi tantra, Istopadesh, Jainendra vyaakaran, Dash bhakti. 5 वीं शताब्दी में थे ।उनकी शास्त्र रचनाएं हैं : सर्वार्थ सिद्धि (तत्त्वार्थवृत्ति) , समाधि तंत्र , इष्टोपदेश , जिनेन्द्र व्याकरण , दशभक्ति ।
Aacharan conduct, behavior; character, practice, action, putting into execution. आचरण , व्यवहार , चरित्र , अभ्यास , व्यक्तित्व।
Aadaan nikshepan samiti Careful in lifting and laying down. Carefulness in taking and placing things. Carefulness in putting clothes and other things on, To receive and place any thing whatsoever after a proper inspection and proper cleansing of dust etc - Adaan Nikshepan Samiti. ज्ञान के उपकरण , संयम के उपकरण पीछी , कमंडलु आदि वस्तु को ग्रहण और रखने में वस्तु के स्थान को अच्छी तरह देखकर पीछी से शोधन करना जिससे किसी जीव का घात न हो , वह आदान निक्षेपण समिति है ।
Aadaataa recipient प्राप्त करने वाला।
Aadani small tripod or stool of rolling chapatis
Aadar respect, honor, adore मान , सम्मान , आदर
Aadarniya deserving respectful treatment, respectable, सम्मान के योग्य , सम्मानीय।
Aadarvu begin, undertake; receive; respect, honor; welcome; court.
Aadesh order, command; directive; advice; [gr.] substitution of a letter or word for another; [math.] substitution. आदेश, आज्ञा , निर्देश।
Aadesh vashaat subject to spoken words. आज्ञा के आधीन, आदेश के वश ।
Aadhaa karm It is used in context with food (and sometimes with accommodation). Actions related with the production and preparation of food are known as Adhaḥ- Karma. The food which is been prepared with inauspiciousness is known as aadhaa karm. It is also known as adhah karma. जिन कार्यों के करने से जीव हिंसा होती है उन्हें अधःकर्म कहते हैं । अधःकर्म युक्त किसी भी पदार्थ की मन, वचन, काय से साधुजन अनुमोदना नहीं करते और न ही ऐसा आहार और निवास स्थान आदि का ग्रहण करते हैं ।
Aadhaar container, supporter, support, prop; refuge; proof; ground, basis; [phys.] fulcrum; [gram.] receptacle, location, sense of the locative case, avalamban, aashrya, teko, avalamban, madad, जिसके आश्रय से वस्तु टिकी रहे , आलम्बन, धर्मादिक द्रव्यों का आधार आकाश है यह तीन प्रकार के होते हैं – औपश्लेशिक , वैषयिक और अभिव्यापक ।
Aadhaar aadhey sambandh mutual dependent relationship, relationship of container and contained, upaadaan upaadey sambandh, kaaran kaarya panu आधार- जिसमें रहा जाये , आधेय- जो रहे । , एक वस्तु दूसरी वस्तु के आधार से रहे वह आधार-आधेय सम्बन्ध है।
Aadhaarbhut authentic; authoritative; reliable मूलभूत , प्रामाणिक , विश्वसनीय ।
Aadheya contained, supported, fit to be supported or held, eligible to give support, to be deposited or placed, to be pledged or mortgaged, to be assigned or attributed, being contained, comprehended, included, आधार पर रखी या टिकाई हुई वस्तु , स्थापित किये जाने योग्य , रखने योग्य ।
Aadhi mental anguish, psychological illness. Aakaankshaa - desire, hope; aspiration; [gr.] expectation, expected presence, of word necessary to complete a sense मानसिक व्यथा , मनोरोग ।
Aadhin subjugated, obedient, submission, dominate. आश्रित , अधिकार आदि में किसी के नीचे रहने वाला , जो किसी के वश में हो ।
Aadi first, of the beginning, initial; chief, premier; original; of the earliest time; beginning; primary, original, cause; [math.] first term पहला , शुरुआत का , प्रारंभिक , मूल , शुरुआत।
Aadi purush first progenitor or ancestor of a clan or family; Vishnu; Brahma, the Creator परम्परा का प्रथम व्यक्ति , ऋषभदेव ।
Aaditya the sun; any one of the twelve sons of Aditi; the number twelve (12). सूर्य , लोकांतिक देवों का एक भेद ।
Aadodaai crookedness; obstinacy, waywardness; intransigence. कुटिलता ।
Aadya first; primeval; original. प्रथम , आदि , मूल ।
Aagaar exceptions
Aagam scriptural knowledge, Aagam means nature of the substance- vastu ka swabhav ko agam kahate hai. (parmarth vachanika mokshmarg prakashak page 342). Principles as depicted in the scripture is known as aagam. Aagam paddhati means the tradition coming from time infinite in the past (Parmarth vachanika par gurudev shri ke pravachan The written form of the nature of the universal substances as propagated by page 39), Vastu no swabhav te aagam, karma paddhati te aagam, paryaay swabhaav is known as aagam. What has come down from tradition. The written form of the nature of the universal substances as propagated by Omniscient Lord. आचार्य परंपरा से आगत मूल सिद्धांत को आगम कहते हैं ।, आ आप्त द्वारा कहा गया , ग- गणधर द्वारा गूथा गया , म ही मुनियों द्वारा लिखा गया , जिससे वस्तु – तत्त्व का पूर्ण ज्ञान हो वह आगम है ।
Aagam pramaan scriptural proof- jinvaani. शास्त्र , जिनवाणी , शास्त्र आदि में लिखे हुए जिनवचन , सर्वज्ञ प्रणीत वचन या आचार्य परम्परा से प्राप्त उपदेश आगम प्रमाण है।
Aagantuk coming all of a sudden or uninvited; adventitious; strange. m. guest; traveller; chance visitor. अतिथि, पहले से तिथि , समय आदि की सूचना दिए बिना घर में अचानक आ पहुँचने वाला कोई प्रिय अथवा सत्कार योग्य व्यक्ति ।
Aagarbh inborn. aa+garbh. Garbh means birth. Since birth. गर्भ धारण से जन्म तक का समय ।
Aaghaat blow, stroke; collision (with noise). ठोकर , धक्का , प्रहार , चोट ।
Aagiyo Glow-worm; kind of white juwar; a disease attacking it; a plant which causes a burning sensation if touched, ammanina vesicatoria; the king of ghosts or evil spirits, Vetal. जुगनु ।
Aagnaa order, command; permission, revelation, discipline. आदेश , आज्ञा ,अनुमति ।
Aagnaa aaraadhan adoration of command. आज्ञा का पालन ।
Aagnaankit obedient, आज्ञाकारी , आदेश मानने वाला ।
Aagrah earnest desire, earnestness; importunity, pressure; strong determination; insistence; obstinacy. हठ , हठ पूर्वक प्रार्थना , अनुरोध ।
Aahaar sangnaa animate feelings for food अन्नादि की इच्छा का होना आहार संज्ञा है , बहिरंग में आहार देखने से, उसके उपयोग से उदर के खाली होने पर तथा अंतरंग में असातावेदनीय की उदीरणा होने पर आहारसंज्ञा होती है ।
Aahaarak labdhi extra ordinary power of translocation. संयम विशेष से उत्पन्न हुई आहारक शरीर के उत्पादन रूप शक्ति को आहारक लब्धि कहते हैं।
Aahaarak mishra kaay yog vibration in the soul’s space points during completion of aahaar sharir. आहारक शरीर की उत्पत्ति प्रारम्भ होने के समय से लगाकर शरीर की पर्याप्ति पूर्ण होने तक अन्तर्मुहूर्त के मध्यवर्ती अपरिपूर्ण शरीर को आहारक मिश्र काय कहते हैं । उसके द्वारा जो योग उत्पन्न होता है वह आहारक मिश्र काययोग कहलाता है ।
Aahaarak Sharir assimilative body, trans locational body which emanates from body of a saint a that sixth gunsthanak stage. सूक्ष्म पदार्थ का ज्ञान करने के लिए या असमय को दूर करने की इच्छा से प्रमत्त संयत जिस शरीर की रचना करता है वह आहारक शरीर है ।
Aahaarak sharir angopaang primary and secondary parts of aahaarak sharir. आहारक शरीर के प्रारंभिक और मध्यम भाग ।
Aahaarak sharir bandh bondage of aahaarak varganaa for formation of assimilative body. कार्मण-वर्गणा का बंधन जिनसे आहारक शरीर का निर्माण होता है ।
Aahaarak sharir naam karma prakrtuti a type of physique making karmic nature causing formation of translocational body- assimilative body. वह कर्म प्रकृति जो आहारक शरीर के निर्माण में निमित्त बनती है।
Aahaarank varganaa a kind of karmic molecule causing body formation. पौद्गलिक कर्मों का वह समूह जिससे आहारक शरीर बनता है ।
Aahaarya brought it from out side, artificial, हरण करने योग्य , बनावटी , कृत्रिम ।
Aahvaanan invocation, invitation, desire to invite the holy one. मंगलाचरण , निमंत्रण , इष्ट को आमंत्रित करने की इच्छा ।
Aakaankshaa desire, hope; aspiration; [gr.] expectation, expected presence, of word necessary to complete a sense. इच्छा , आशा , आकांक्षा ।
Aakaar Form, stature, shape, self and non self substance, their attributes and modes ( pravachansaar gatha 124) शक्ल , रूप , गठन , बनावट , वस्तुओं का संस्थान ।
Aakaashgaamin ability to walk in the sky. Supernatural power of monk to walk in the sky. Moving through the sky. बिना पैरों को उठाये रखे आकाश में गमन करने वाले ऋषि आकाशगामिन कहलाते हैं ।
Aakar ocean,mine; storehouse, collection निधि , संग्रह , खान ।
Aakar granth reference book (of information) संदर्भ पुस्तिका ।
Aakhyaan tale, story, (esp. mythological); legendary story. वर्णन , वृतांत , पौराणिक कथा , कहानी , किस्सा ।
Aakultaa perplexity, mystified, confused, happiness associated with restlessness. Aalamban support, prop; shelter, depending on, resting up on, hanging from, supporting, sustaining. बैचेनी , परेशानी ,विकलता ,व्यग्रता , उद्विग्नता ।
Aalingan embrace, clasp. गले लगाना ।
Aalingit embraced, clasped, hugged, enveloped, squeezed. हृदय से लगाया हुआ , गले लगाउद्विग्नत ।
Aalochan intuition, intuitional recognition, perceptual cognition देखना , गुण-दोष की परख करना ।
Aalochanaa soul’s experience of separation from the fruition of karma in present state, self criticism, confession, the report of sin committed. किये हुए पापों का विवेचन और प्रकाशन , गुरु के समक्ष निष्कपट भाव से अपने सर्व छोटे या बड़े दोषों को कह देना आलोचना कहलाता है ।
Aalochanaa praayaaschit repentance for self criticism पापों से निर्वृत्ति , प्रति समय लगने वाले अंतरंग और बाह्य दोषों की निवृत्ति करके अंतर्शोधन करने के लिए किया गया पश्चाताप प्रायश्चित है ।
Aalochanaa shuddi modification by criticism. किए गए पापों की आलोचना करके उनको दूर करना ।
Aalochavu to know and not to join in the fruition of karm a. embrace, clasp.
Aalochit one who has confessed his faults, जिसने अपने दोष स्वीकार कर लिए हैं ।
Aalok light, प्रकाश, रोशनी ।
Aamnaay the Vedas; the Vedas inclusive of the Brahmanas, the Upanishdas and the Aranyakas; religious sect or doctrine; good manners, etiquette; tradition, usage. उच्चारण की शुद्धि पूर्वक पाठ को पुनः पुनः दोहराना, स्वाध्याय तप का चौथा भेद – पाठ का बार बार अभ्यास करना ।
Aanand joy, delight, pure bliss, happiness. खुशी, प्रसन्नता, उल्लास, आल्हाद ।
Aanayan bringing; sacred thread ceremony. लाना, उपनयन संस्कार ।
Aangan courtyard, compound. घर के अंदर या सामने का खुला स्थान ।
Aanth drasti eight stages of personality growth. Eight stages of evolution. व्यक्तित्व विकास के आठ चरण ।
Aanupurvi naam karma migratory form of body karma. जिस कर्म के उदय से मरण पश्चात पूर्व शरीर का आकार विनाश नहीं होता , वह आनुपूर्वी नामकर्म है ।
Aanvikshi science of logic. तर्कशक्ति का विज्ञान ।
Aanviskhiki logic, logical philosophy, metaphysics न्याय शास्त्र का प्राचीन अभिधान, विचारशास्त्र ।
Aapadaa calamity; danger; sorrow; difficulty. विपत्ति, खतरा, कठिनाई ।
Aapt authentic, related; connected by consanguinity or affinity; reliable, trustworthy; authoritative; obtained, acquired. m. trustworthy, reliable, authoritative, person. सच्चा, प्रमाणित, अठारह दोषों से रहित ।
Aapt kise kahate hai? Who is called the trustworthy soul?</br>One who has knowledge of all the objects with his direct knowledge ( experienced knowledge) and one who gives discourses for helping others is known as trustworthy soul aapt. </br>Arihants are aapt. One who knows all the universal substances and then lets others know about the nature of these substances in right manners is “aapt”. Aapt is the one who has obtained complete passionless state and also is all knower and giving discourses to others to further their spirituality is known as aapt. Vitraagi, sarvagn ane hitopadeshi ne aapt kahevaay chhe. He is without 18 faults like hunger thirst etc. 1. जो प्रत्यक्ष ज्ञान से समस्त पदार्थों का ज्ञाता है और परम् हितोपदेशी है वह आप्त है। 2.जिसके राग-द्वेष-मोह का सर्वथा क्षय हो गया है उसे आप्त कहते हैं। 3.क्षुधा, तृषा, भय, द्वेष, राग, मोह, चिन्ता, जरा, रति, मरण, स्वेद, खेद, मद, अरति, विस्मय, जन्म, निद्रा और विषाद इन अठारह दोषों से रहित निरंजन आप्त श्री जिनेन्द्र हैं ।
Aapta mimaanshaa The creation of the scripture by Swami Samanthbhadra. It describes Tirthankar’s sarvagnataa and also syaadvaad principles are explained. तत्त्वार्थसूत्र सूत्र के मंगलाचरण पर आ. समंतभद्र द्वारा रचित न्यायपूर्ण ग्रंथ है, इसमें न्यायपूर्वक भाववाद अभाववाद आदि एकांत मतों का निराकरण करते हुए भगवान महावीर में आप्तत्व की सिद्धि की है ।
Aaraa division of the time, spoke of a wheel. कालचक्र, समय का विभाजन ।
Aaraadhak one who is worshipping, worshiper, aspirant आराधना करने वाला, भक्ति करने वाला, पूजा करने वाला ।
Aaraadhan adoration, worship; propitiation. पूजा, भक्ति, आराधना ।
Aaraadhanaa adoration, worshiping, worship; service. पूजा, भक्ति, उपासना ।
Aaraadhit adored, worshiped, पूजित, पूज्य ।
Aaraadhya one who gets worshipped. पूजा के योग्य, जो पूजा जाता है, पूज्यनीय ।
Aaraatiya Aacharya of present tradition, वर्तमान परंपरा के आचार्य।
Aarambh beginning, start, commencement; preparation; undertaking, to inflict violence to animal, to perform act of violence, wherever is aarambh, there is parigrah. Aarambh and parigrah are ekaarth vaachi. पाप कार्य करने लगना, ममत्व परिणाम रूप मूर्छा को भी आरंभ कहते हैं ।
Aarambh samaarambh to inflict violence to animal is aarambh and to acquire the material to inflict violence is known as samaarambh पाप कार्य शुरू करना आरम्भ है, पापों की साधनभूत सामग्री एकत्रित करना ।
Aarambhi Hinsaa inevitable violence in performing various duties. घर-गृहस्थी के कार्यों में होने वाली हिंसा ।
Aarop imputation, accusation; charge of guilt. दोष संस्थापन, किसी वस्तु पर अन्य वस्तु की कल्पना करना ।
Aaropan attributing the properties of one thing to another; accusation, charge; founding, establishing; planting. दोष लगाना, संस्थापन, एक वस्तु में दूसरे के गुण-धर्म की कल्पना।
Aaropavu attribute the properties of one thing to another; ascribe; put a false charge on, accuse; string, thread, beads etc.; insert; plant, implant; apply, devote.
Aaropi the accused. जिस पर आरोप लगा हो, अभियुक्त ।
Aaropit aupaadhik rupe, altered inclination due to alien belonging, स्थापित किया हुआ, दोष लगाया हुआ।
Aartav relating to season or menstruation. n. menstruation, मासिक धर्म से सम्बंधित, रजोदर्शन।
Aarthic prayojan, motive, प्रयोजन।
Aartra dhyaan painful meditation. Aartra pain, trouble. कष्ट से उत्पन्न हुआ ध्यान, दुःख अनुभव में चित्त का रुकना ।
Aarya noble person, civilized person, virtuous person. जो गुणवालों के द्वारा माने जाते हों, कुलीन व्यक्ति, सभ्य व्यक्ति ।
Aarya bhumi place where noble persons live. आर्य लोगों के रहने का स्थान ।
Aaryaa respectable woman, woman of a noble family;, straight; easy; straight forward, simple, saral. भोगभूमिज स्त्रियों के लिए प्रयुक्त एक विशेषण, कुलीन स्त्री ।
Aaryaahaa tirthankar, gandhar, acharya, upaadhyaay, muni, pancham gun sthan varti shraavak, samkiti jiv. तीर्थंकर, गणधर, आचार्य, उपाध्याय, मुनि, पंचम गुणस्थानवर्ति श्रावक, समकिती जीव ।
Aaryikaa female ascetic. महिला तपस्वी ।
Aasaadan denial, disregard for knowledge. कोई ज्ञान का प्रकाश कर रहा है तब शरीर या वचन से उसका निषेध करना ।
Aasakt fixed or fastened to, attached to, zealously following or pursuing, लिप्त, अनुरक्त, मोहित, मुग्ध ।
Aasakti attachment, deep love, diligence, attaching one self firmly behind, devotedness, devotion. लगाव, अनुरक्ति, मोह, अनुराग, किसी वस्तु के प्रति विशेष रुचि ।
Aasan posture. बैठने की विशेष प्रक्रिया, बैठना ।
Aashaa hope, wish; confidence, trust. उम्मीद ।
Aashankaa doubt, suspicion; apprehension शंका, संदेह, शक ।
Aashcharya surprise, wonder; wonderful incident, miracle, marvelous, अचरज, अचंभा, हैरानी।
Aashcharyachakit overcome with surprise विस्मय, जिसे आश्चर्य हुआ हो ।
Aashcharyakaarak surprising, wonderful. चकित करने वाला, आश्चर्यजनक, अद्भुत।
Aashray shelter, refuge, support, temaa tenaathi thaay chhe ane par thi nathi thaatu शरण, आश्रय, सहारा ।
Aashray Bhut proper shelter, proper support, proper refuge. उचित आश्रय, उचित सहायता ।
Aashray rup supporter. आश्रयरूप ।
Aasrav inflow, योग के माध्यम से आत्मा में कर्म की पुद्गल वर्गणाओं का जो सम्बंध होता है, उसे आस्रव कहते हैं।
Aasravan coming, arrival, कर्मों का आना।
Aasrit dependent सहारा दिया हुआ ।
Aasthaa leaning श्रध्दा, विश्वास, निष्ठा ।
Aastikya faith in Omniscient lord, holy scriptures and enlightened true teachers. सर्वज्ञ वीतराग देव प्रणीत जीवादिक तत्त्वों में रूचि होने को आस्तिक्य कहते हैं।
Aasvaad tasting; enjoying, eating. स्वाद, खाद्य पदार्थ से मिलने वाली रस की अनुभूति।
Aataa flour; fine powder. आटा, बारीक पिसा हुआ ।
Aataap inauspiciusness , paap. सूर्य का प्रकाश, गर्मी, उष्णता, ताप ।
Aataapan practicing austerity by enduring heat etc. o ताप आदि सहन करके तपस्या करना ।
Aatap warming light, sun light. गर्मी, दुख देने वाला ।
Aatm aadhinataa self dependency आत्म निर्भरता, स्वतन्त्रता ।
Aatm aashrit based on soul आत्मा पर आधारित ।
Aatm bhaava dispositions of the self, aatma tatva. आत्मतत्व, आत्मा ।
Aatm bhut integral, identical, integral virtue, self natured, indigenous quality जो वस्तु के स्वरूप में मिला हुआ हो, अभिन्न गुण, स्व स्वभाव।
Aatm brahm omniscient lord, all knower soul. सर्वज्ञ भगवान, सर्व ज्ञानी आत्मा ।
Aatm dhyaan engrossed in self meditation, self consciousness, आत्म साधना, आत्मा में लीनता ।
Aatm gat self subjective, Characteristics of the soul, आत्मा के लक्षण, आत्मा से सम्बन्धित ।
Aatm gnaan self consciousness., knowledge of the soul, आत्मा का ज्ञान, आत्म चेतना।
Aatm gnaani self enlightened. जिसको आत्मा का ज्ञान है, सम्यकदृष्टि ।
Aatm hanan self deterioration स्वयं का घात करना, आत्मघात।
Aatm hatyaa suicide स्वयं को मारना।
Aatm hit welfare of the self, benefiting self, स्वयं का कल्याण, आत्मकल्याण ।
Aatm jaagruti alertness about true nature of soul. आत्मा के वास्तविक स्वरूप के बारे में सतर्कता, आत्मरूचि ।
Aatm jyoti luster of the eternal soul. आत्मा का ज्ञान।
Aatm kalyaan happiness for soul, prosperity of soul, welfare of soul, well beings of soul आत्मा के लिए सुख, आत्मा का कल्याण ।
Aatm Khyaati fame of the soul, knowledge of the soul. आत्मा की प्रसिद्धि, आत्मा का ज्ञान ।
Aatm linataa self absorbedness. आत्मा में रम जाना, आत्मा में लीन होना।
Aatm maya own natural self, eternal true nature of self. निज स्वरुप ।
Aatm nindan self condemnation, आत्म निंदा ।
Aatm nishth concerned with self subjective, engrossed in the self, experiencing the true nature of the self. निज स्वरूप का अनुभव करना, आत्मा का श्रद्धान जिसको है।
Aatm parinaam subjective mode of the soul. modification of the innate form, आत्मा का परिणाम, ज्ञान।
Aatm prabhaavnaa influence of the pure soul. शुद्ध आत्मा की प्रभावना।
Aatm pradesh space points of soul, आत्मा के प्रदेश, आत्मा जहाँ व्याप्त है ।
Aatm prashansaa praising one self, self praise, स्वयं की प्रशंसा करना ।
Aatm pratipatti knowledge of the soul. to know the self. आत्मज्ञान, मोक्षमार्ग।
Aatm pratiti self intimation, path to salvation, आत्म अनुभव, मोक्ष का मार्ग।
Aatm pratyaksh self perception by soul, introspection, आत्मज्ञान, आत्मबोध, आत्मानुभव ।
Aatm pravaad a type of scriptural knowledge, 7th purva out of 14 in which there is detail description of the soul substance. द्रव्य श्रुतज्ञान का 13 वां अंग जिसमें आत्मपदार्थ का वर्णन है।
Aatm raksha deities who are like body guards स्वयं की रक्षा ।
Aatm rakshit self protected, a type of special heavenly deity lokaantik dev. स्वयं के द्वारा रक्षित, लोकांतिक देव।
Aatm saat assimilated or absorbed knowledge, अंदर में उतरा हुआ ज्ञान, आत्मसात।
Aatm samaadhi self absolute meditation, आत्मा में लीन होना।
Aatm samutth something bliss or fault originated from soul. जो आत्मा से उत्पन्न हुआ हो।
Aatm samvedan self intuition, self experience, आत्मानुभव, आत्मा का अंतर ज्ञान।
Aatm samvitti spiritual intuition, a substitute name for nischay moksh marg, अध्यात्म ज्ञान, निश्चय मोक्षमार्ग ।
Aatm sanskaar self improvement, आत्म शुद्धता के लिए किए गये कार्य ।
Aatm sham self subdue, self conquerer, स्वयं को जीतने वाला, आत्म विजेता।
Aatm shraddhaan self respect with self devotion, समस्त पर पदार्थों से भिन्न ज्ञानस्वभावी आत्मा मैं स्वयं हूँ, ऐसा श्रद्धान ।
Aatm sukh spiritual happiness or joy. आध्यात्मिक आनन्द।
Aatm swaasthya steadiness in spiritual health and behavior, स्वरूप में स्थिरता।
Aatm swabhaav real nature of the soul. self form of soul, आत्मा का स्वरूप, आत्मरूप।
Aatm swarup self form of soul. आत्मा का स्वयं का रूप।
Aatm swasthya steadiness in spiritual health and behavior. स्वरूप में स्थिरता।
Aatm tatva vitaraagi swabhaav roop parinaman, the passionless mode of the eternal true nature of the self is aatma tatva, aatma bhaav., swa samay, soul, आत्मा का स्वभाव।
Aatm vaad a doctrine of identity regarding pervasion of soul every where. आत्मा के अस्तित्व का सिद्धांत।
Aatm vaadi believer in the self. आत्मा में विश्वास रखने वाला ।
Aatm vadh suicide, आत्मघात, आत्महत्या, स्वयं को मारना।
Aatm vash self controlled, इंद्रियों को वश में करना।
Aatm vikaash self upliftment, स्व उत्थान, स्वयं को ऊपर उठाना।
Aatm vyavahaar conception of self consciousness, स्वयं की अवधारणा।
Aatm yagna a supreme sacrifice act of purifying soul, 1.पूर्णता की प्राप्ति के लिए स्वयं को स्वयं में समर्पित कर देना, 2.क्रोधाग्नि, कामाग्नि, और उदराग्नि को वैराग्य और अनशन की आहुतियों से शमन करना, वनवासी ऋषि, यति, मुनि और द्विज इस यज्ञ से मुक्ति को प्राप्त होते हैं।(महापुराण)
Aatma bhraanti Regarding the nature of the soul one having delusion, error, mistake, wrong notion, false idea; suspicion, doubt, mirage, swarup nu ayathaarth gnaan ej bhraanti chhe. गलत धारणा, आत्मा के स्वभाव के बारे में भ्रम, शंका।
Aatma chikitshak self doctor, one who cure one self. जो स्वयं को ठीक करता हो।
Aatma darshan self intuition, introspection, आत्मा का ज्ञान, आत्म निरीक्षण ।
Aatma dravya soul substance, आत्म पदार्थ, ज्ञान-दर्शन स्वभावी।
Aatma ghaat suicide, स्वयं को मारना।
Aatma gnani those having knowledge of the self soul or having complete spiritual knowledge, पूर्ण आध्यात्मिक का ज्ञान रखने वाले।
Aatma laabh the substance which has existence. This existence is of two types: eternal and transient. आत्मज्ञान की प्राप्ति होना।
Aatma mukh hetvaabhaas a fallacy in expressing self, swa vachan baadhit e.g. my mother is childless, स्ववचन बाधित, जैसे- मेरी मां बांझ हैं।
Aatmaa ni 47 shakti 47 Powers of the pure soul: 47 Atma ni Shakti Living </br>1. Living</br>2. Consciousness</br>3. Vision perception</br>4. Knowledge</br>5. Infinite happiness</br>6. Creative power</br>7. Supreme sovereignty</br>8. All pervasiveness</br>9. Omni vision</br>10. Omniscience</br>11. Transparent reflection</br>12. Self illuminating</br>13. Unlimited development of potential</br>14. Non causative nature</br>15. Knower and knowable</br>16. Non acquisition non desertion</br>17. Self perpetuation</br>18. Appearance disappearance eternality</br>19. Changeability</br>20. Abstract</br>21. Inactivity</br>22. Power of non indulgence</br>23. Inertia vibration less and tremor proof</br>24. Invariable territory</br>25. Self pervading</br>26. Common, uncommon and the common uncommon</br>27. Unity in infinity</br>28. Conflicting characteristics</br>29. Power of elemental transformation</br>30. Power of absence of transmutability</br>31. Oneness</br>32. Manifoldness</br>33. Existence of present state</br>34. Non existence of other state</br>35. Emergence of new state and disappearance of previous state</br>36. Disappearance of present state and emergence of new state</br>37. Existence of pure pure nature</br>38. Absence of impure impure nature</br>39. Self induced causation The soul is independent of six causes of the altered mode (vikaari paryaay)</br>40. Infinite power of reengineering</br>41. Infinite power of performance</br>42. Infinite power of the performer</br>43. Instrumentality</br>44. Obligation to self</br>45. Inexhaustible treasure</br>46. Self refuge</br>47. Self owned relationship आत्मा की 47 शक्तियां – जीवत्त्वशक्ति, चितिशक्ति, दृशिशक्ति, ज्ञानशक्ति, सुखशक्ति, वीर्यशक्ति, प्रभुत्वशक्ति, विभुत्वशक्ति, सर्वदर्शित्वशक्ति, सर्वज्ञत्वशक्ति, स्वच्छत्वशक्ति, प्रकाशशक्ति, असंकुचितविकाशत्व शक्ति, अकार्यकारणत्व शक्ति, परिणम्यपरिणामकत्व शक्ति, त्यागोपादानशून्यत्व शक्ति, अगुरुलघुत्व शक्ति, उत्पादव्ययध्रुव शक्ति, परिणाम शक्ति, अमूर्तत्व शक्ति, अकर्तृत्व शक्ति, अभोक्तृत्व शक्ति, निष्क्रियत्व शक्ति, नियतप्रदेशत्व शक्ति, स्वधर्मव्यापकत्व शक्ति, साधारण-असाधारण - साधारणासाधारणधर्मत्व शक्ति, अनंतधर्मत्व शक्ति, विरुद्धधर्मत्व शक्ति, तत्त्वशक्ति, अतत्त्व शक्ति, एकत्त्वशक्ति, अनेकत्व शक्ति, भावशक्ति, अभावशक्ति, भावाभावशक्ति, अभावभावशक्ति, भावाभाव शक्ति, अभावाभावशक्ति, भाव-शक्ति, क्रियाशक्ति, कर्मशक्ति, कर्तृशक्ति, करण शक्ति, सम्प्रदान शक्ति, अपादानशक्ति, अधिकरण शक्ति, सम्बन्ध-शक्ति।
Aatmaangul a finger measurement, 108th part of full height of man एक उंगली माप, आदमी की पूरी ऊँचाई का 108 वां हिस्सा ।
Aatmaanubhav self realization आत्मबोध, आत्मा का अनुभव।
Aatmaanupaalan to protect the soul by perpetual judgements. इस लोक तथा परलोक सम्बन्धी अपायों से आत्मा की रक्षा करना।
Aatmaanushaasan self discipline, आत्म अनुशासन, स्वयं पर अनुशासन ।
Aatmaarthi desirous of spiritual good or final beatitude, aspirant for soul, aspirant being. आत्मा ही जिसका प्रयोजन है ।
Aatmakhyaati a treatise written by aachaarya Amritchandra. in this scripture there is commentary of Samaysaar and has been presented in sanskrit. The literal meaning of this word is identification (khyaati) of soul or to highlight of soul. आचार्य अमृतचंद्र द्वारा समयसार ग्रंथ पर लिखित टीका, जो संस्कृत में है। इस शब्द का अर्थ है आत्मा की पहचान ।
Aatmashraya selfness. अपने में अपनापन ।
Aatmic sukh spiritual pleasure or bliss. इंद्रिय विषयों के बिना ही अपने आत्मा में आत्मा से ही प्राप्त सुख ।
Aatmiy swarup self form of soul अस्तित्व- अनंत धर्मों की परस्पर अभेद वृत्ति ।
Aatmiyataa sense of belonging to oneself; self identification; individuality; self consciousness; egotism. अपनेपन की भावना ।
Aatmoplabdhi achievement of spiritual stage of soul. आत्मा की प्राप्ति होना ।
Aatmottpann internal bliss. आंतरिक आनंद ।
Aatur desirous. इच्छुक ।
Aatyantik kshay annihilation of karma कर्मों का सर्वनाश ।
Aatyantik Suddhi utter purity of soul Aayat mode. पूर्ण शुद्धि ।
Aavaagaman transmigration, arrival and departure. स्थानांतरण, आगमन और प्रस्थान ।
Aavali countless samays make one aavali. काल का प्रमाण । असंख्यात समयों की एक आवली होती है ।
Aavali uday fruition of karma in avali. Aavali vrund a set of avalis. वर्तमान समय से लेकर आवली काल मात्र कर्मों का उदय में आना ।
Aavaran lid, cover; obstacle, obstruction, veil, obscuration. shield, covering, shield,protection ढकना, परदा, आड़ ।
Aavartan moving round and round; repetition, repeating; reading or reciting (some book, etc.) again and again. गोल – गोल घूमना, पुनरावृत्ति, बार बार पढ़ना।
Aavashyak essential duties. Necessary, indispensable, inevitable, need, want; householder has six essential duties: worshipping god, serving monks, self study, self restraint, austerity and charity. Jin puja, guru sevaa, swadhyaay, sanyam, tapa and daan. आवश्यक कर्तव्य, ग्रहस्थ के छह आवश्यक कर्तव्य हैं: देवपूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय, संयम, तप और दान ।
Aavashyak karan see aayojya karan.
Aavashyaktaa necessity, need, want, essentiality, जरूरत, अनिवार्यता, आवश्यकता ।
Aaveg force, vigor; agitation; distraction; vehemence; passion; haste, impatience; momentum. व्याकुलता, अधीरता, ताकत ।
Aavesh vigor, force; exuberance of feeling; anger, fury; passion. क्रोध की अधिकता, रोष ।
Aavirbhaav appearance, manifestation; birth, incarnation, pragatikaran, avtaar, janma,Avirbhav, emergence, appearance, प्रकट होना, उद्भव, प्रकटन।
Aavrutt covered, bended. ढका हुआ, गोले के अंदर घिरा हुआ।
Aayaam to spread, to increase. फैलाना, विस्तार करना।
Aayaat length. in sequence e.g. modes., extended, large, लंबा, विस्तृत।
Aayaat saamaanya samudaay substance having eternal infinite modes, trikaali paryaay no samudaay. शाश्वत अनंत गुणों वाला पदार्थ ।
Aayaat vishesho eternal modes. modes of past present and future. शाश्वत अवस्था ।
Aayojikaa karan see aayojya karan.
Aayojya karan With extraordinary spirituality one is in auspicious activities, soul is looking interiorly to expend his own auspicious karma.
Aayu duration of life उम्र, जीवन की अवधि।
Aayu karma life span determining karma. जिस कर्म के उदय से जीव किसी शरीर में निश्चित समय के लिए रुकता है।
Abaadhaa kaal after karma bondage there is certain time that karma will not come in fruition and that is its abaadhaa kaal. For example if the karma are bonded for one krodakrodi saagar the karma will not come in fruition after bondage for 1000 years, non fruition state in karma after bondage. कर्म बंध हो जाने के पश्चात वह तुरंत उदय में नहीं आता, बल्कि कुछ काल पश्चात परिपक्व दशा को प्राप्त होकर ही उदय आता है। इस काल को आबाधाकाल कहते हैं ।
Abaadhaka unrestrained, unimpeded, etymology अबाधित, जिसमें कोई बाधा न हो ।
Abaadhit unimpeded, unobstructed, innocent, without any obstruction, irrefutable, undeniable. बिना रुकावट के, बाधा के बिना ।
Abaddh nokarma non bonded quasi karma बिना बंधे हुए नोकर्म ।
Abadhdha sprusta not bonded, not touched, not bonded by karma and not touched by quasi karma like physical body and its related objects. जो न किसी अन्य पदार्थ के द्वारा बंधा हुआ हो और न स्पर्श किया गया हो ।
Abhaashaatmak sound produced by having two things collision. वस्तु का अनुभव मात्र होना।
Abhaav non existence, negative aspect, non being, negation. there are four types: </br>praag abhaav - prior non existence, </br>pradhvansh abhaav - future non existence, </br>anyonya abhaav - mutual non existence,</br>atyanta abhaav - absolute non existence, na hovu te, not to be, एक पदार्थ का दूसरे पदार्थ में अस्तित्व न होने को अभाव कहते हैं।अभाव चार प्रकार के होते हैं । प्रागभाव, प्रध्वंसाभाव, अन्योन्याभाव, अत्यन्ताभाव।
Abhaav bhaav shakti Due to this power present in a substance, the mode which is going to come in future does come at a prescribed time. 36th shakti. In the past there was absence of right faith mode and at present time this right faith mode is generated. This is abhaav bhaav. अभाव का भाव होना । जो पर्याय अभी नहीं है और अगले समय में नियम से होनेवाली है; उस अभावरूप पर्याय का भावरूप होना ही अभावभाव शक्ति का कार्य है ।
Abhaav shakti Due to this power, in each substance, besides the present mode, there is no other mode arising. 34th shakti. At present there is mode of right faith and there is absence of wrong faith of the past and also omniscient mode of the future in this present time is abhaaav shakti. प्रत्येक द्रव्य में एक ऐसी शक्ति होती है, जिसके कारण वर्तमान अवस्था के अतिरिक्त अन्य कोई अवस्था नहीं होती; इस शक्ति का नाम अभावशक्ति है ।
Abhaav swarup attributes from negative aspect. किसी अन्य वस्तु के न होने का गुण।
Abhaavaabhaav shakti because of this power present in a given substance, a mode which is not suppose to be present at a given time, does not come. 38th shakti. At the time of present right faith mode there is absence of the wrong faith mode is abhaavaaabhav. जिसके कारण जो पर्याय जिस समय नहीं होनी है, वह नियम से नहीं होगी, उस शक्ति का नाम है अभावाभाव शक्ति है ।
Abhakshya not fit to be eaten; prohibited as an article of food, non edible जो पदार्थ भक्षण करने योग्य अर्थात खाने योग्य नहीं है वह अभक्ष्य है ।
Abhakti want of confidence or trust, distrust., avishwaas, ashradhdhaa. भक्ति का न होना, अश्रद्धान ।
Abhavya jiva one, who is not capable of liberation, unable to liberate from the mundane existence. संसार से मुक्त होने की योग्यता से रहित जीवों को अभव्य कहते हैं।
Abhed indivisible, unity, identity,without difference or distinction; identical; similar; undivided. identity, oneness; absence of difference of distinction; similarity, non duality. identity, compactness, closeness, identical, Abhed in samaysaar is used mainly in the form of modal perspectives. Even though modes and substance are two separate things as per their own characteristics are conceded. Substance is eternal truth and mode is transient truth. But at the time of self experience, there is identical form is seen. There is no difference of mode and substance perceived. This is abhed. It is from modal perspective. Akhand is from attributes perspectives and abhed is from modal perspectives. without difference or distinction; identical; similar; undivided. identity, oneness; absence of difference of distinction; similarity, non duality, indistinct, identity, uniformity. भेद से रहित, अविभक्त, जिसका भेद न किया जा सके । एकरूपता, जिसका भेद न किया जा सके, जीव में न दर्शन है, न ज्ञान है, न चारित्र है, वह तो एक ज्ञायक भाव है ।
Abhed Bhaav feeling of identity. जहां जानने में भेद न हो।
Abhed Bhaavanaa feeling of identity. जानने में भेद नहीं करना ।
Abhed drasti identical perception, समान धारणा ।
Abhed maarg path of monism.
Abhed vaad monism. अद्वेतवाद, वेदान्त।
Abhedya impenetrable, that can not be pierced; impervious. जिसको भेदा न जा सके।
Abhidheya to be expressed, to be spoken, to be mentioned, signification, meaning, subject matter, vivakshaa, kathani kahevaa yogya panu, to be designated, to be expressed, to be named, signification, meaning. जिसका विवेचन हो सके, विषयवस्तु ।
Abhignaan recognition; remembrance, recollection; sign or token of recognition. पहचान का चिन्ह, निशानी ।
Abhigraha vow taken for a short time, niyam as in yam niyam. थोड़े समय के लिए लिया गया व्रत, जैसे यम नियम है ।
Abhikshan Gnaan upyog the attentive consciousness occurring after right faith, सम्यक दर्शन की उत्पत्ति के बाद होने वाला उपयोग ।
Abhilaashaa great longing, strong desire; ambition प्रबल इच्छा, महत्त्वाकांक्षा ।
Abhilaashi desirous, longing, इच्छुक ।
Abhimat desired, desirable; dear, liked, agreeable; approved, acceptable. सुझाव, विचार, इष्ट, मनचाही बात ।
Abhimukh with face turned towards, facing; disposed or inclined to; going near, approaching, approaching puberty, marriageable disposed to, intended to, ready for, in the direction of, in front of, in presence of, सामने, सम्मुख, समक्ष, आगे ।
Abhimukhibhuta being in presence of, being favorable to, अनुकूल होना।
Abhimukhikaran turning the face towards, addressing, जिसको संबोधित कर रहे हैं उनकी तरफ मुख करना ।
Abhimukhikri to turn the face towards, address, to to cause to turn face towards, push forward
Abhinandan congratulation, felicitation, felicitous eulogy; approval. बधाई, अभिनंदन, सराहना।
Abhinandaniya deserving congratulation, applause or approval.congratulate, greet; rejoice at, take delight in. अभिनंदन करने योग्य, प्रशंसनीय, बधाई का पात्र।
Abhinandavu deserving congratulation, applause or approval. Abhinandavu अनुमोदना योग्य, बधाई का पात्र।
Abhinibodh mati,smruti sangna and chintaa all four are known as abhinibodh. Abhi means specific vishesh and nibodh means knowledge, mati gnaan, perceptual knowledge. मतिज्ञान का एक नाम, अनुमान ज्ञान – जैसे धुंए को देखकर अग्नि का ज्ञान ।
Abhinibodhik gnaan mati gnaan. मति ज्ञान ।
Abhinivesh abhipraaya, motive, intention, purpose, firm attachment, devotion; being wholly absorbed in, absorption; determination; obstinacy, inner intentions.
Abhiniveshik irrational, vivek rahit, nyaay viruddh. अभिप्राय, उद्देश्य, आंतरिक विचार ।
Abhinn unbroken, whole; not separate or different, identical; one, one and the same; whole. अखंड, एकरूप, सम्पूर्ण ।
Abhipraaya motive, intention, meaning ,opinion; purpose, intention, intended meaning, sense, motive, Ansh mein anshi kaa aarop karnaa.To put accusation for a main substance by seeing its one part only, Abhipraaya word is used in Dhavalaa granth as follow: One knows the substance fully in the form of pramaan complete knowledge and then to determine the nature of the substance from one angle is known as abhipraaya or naya. वस्तु के एक देश मे वस्तु का निश्चय करना ही अभिप्राय है।
Abhipret ist, meant, intended; desired, wished; accepted, approved, सम्मत, अनुकल ।
Abhiraam beautiful. सुन्दर, आकर्षक ।
Abhishek anointment, sprinkling or bathing with holy water; bathing, ablution; coronation, annointation, ceremonial bathing, religious bathing, bathing of divinity, अभिषेक, पवित्र जल से स्नान, जिनेन्द्र देव का पवित्र जल से स्नान ।
Abhisht praiseworthy, meant, intended, accepted, approved, desire, मनोरथ, चाहा हुआ, अभिप्रेत।
Abhisinchan abhishek, annointation, अभिषेक, स्नान कराना।
Abhoktrutva power of non indulgence. नहीं भोगने की शक्ति।
Abhraanti non illusion. किसी भ्रम का न होना ।
Abhut non existent, not true, not real, false. अस्तित्व रहित, असत्य ।
Abhutaarth unreal, improbable, untrue, wrong, जिसका विषय विद्यमान न हो, या असत्यार्थ हो उसे अभूतार्थ कहते हैं ।
Abhutaarth naya nature of practical point of view, vyavahaar naya, asatyaarth naya, upchaar naya, asuddh naya, असत्यार्थमय व्यवहार नय, जैसे जीव अमूर्तिक है लेकिन कर्मसंयोग से मूर्तिक कहना।
Abhuti na hovu te, not to be, नहीं होना ।
Abhyantaar pratipatti to illuminate the self., अंतरंग में प्राप्ति होना ।
Abhyudaya rise ( of heavenly bodies), sunrise, rise, prosperity, good fortune, elevation, success, any religious or festive celebration, festive occasion, commencement, accomplishment of desired object, उदित होना, वृद्धि, उतरोत्तर उन्नति ।
Abhyudayin rising, going up. बढ़ना, ऊपर जाना ।
Abhyudi to rise, to go up, to rise over one, to come in to existence, encounter, to prosper, to thrive, अस्तित्व में आना, समृद्ध होना, फलना – फूलना ।
Abhyudit risen, occurred, elevated, risen to prosperity, asleep at sunrise over whom the sun has risen. celebrated as festival, sunrise. उत्पन्न, उगा , प्रादुर्भुत, दिन चढ़े तक सोने वाला ।
Abrahmacharya going away or deviating from the right course; adultery, unchastity; lapse from duty; व्यभिचार, सम्यक मार्ग से भटकना ।
Abuddhi purvak raag unintentional passions. non perceivable passions, non perceivable toxic emotions ऐसा राग जिसमें जीव की वासना न हो ।
Abudhdhi gochar cannot be perceived at the intellect level जिसे बुद्धि से नहीं जाना जा सके ।
Achala everlasting, immutable, action less, immovable, immutable, everlasting, indisputable, absolute, undeniable. चिरस्थायी, अचल, अपरिवर्तनीय ।
Achalata being immobile. चलायमान नहीं होना, गतिहीन।
Achar non movable objects. ऐसी वस्तु जो चल न सके, एक स्थान पर रहने वाला ।
Achchhindhaaraa non stop flow. सतत बहने वाला प्रवाह ।
Achelak one without any clothes, one who is naked. वस्त्र के साथ सम्पूर्ण परिग्रह त्याग जिसने किया वह अचेलक मन जाता है ।
Achet inanimate, without life; unconscious. निर्जीव, बेहोश, चेतनता से रहित ।
Achetana non consciousness, insentient, material, inanimate, non metal,. निर्जीव, अजीव, ज्ञान से रहित।
Achintya inconceivable, incomprehensible, inconceivable form or action, not fit to be thought of, unthinkable. अकल्पनीय, जिसके बारे में सोचा भी न जा सके ।
Achyut not fallen or moved from its place; firm; imperishable, steady. m. God Vishnu. अटल, स्थिर, अविनाशी, जो च्युत न हो।
Adad kind of pulse, black beans, phaseolus radiatus અડદ માષ
Adatti selfish.
Adbhut wonderful; extraordinary. miracle; wonder, wonderful thing. आश्चर्यजनक, असाधारण ।
Adhah Karana (slow progressive thought activity). For example, the dispositions of some particular Jiva in the first moment of that Karana were having less purity; afterwards, moment after moment, the purity in dispositions went on increasing infinite times progressively. And whatever types of dispositions he may be having in the second third, etc. moments, similar dispositions can be found in some other Jiva in the first moment and the purity indisposition’s of these other Jivas maybe increasing moment after moment infinite times progressively in comparison to the first Jiva. Such is the state of dispositions in Adhah</br>There, the duration of Adhah Karana is one निम्न, जघन्य, निकृष्ट।
Adhah karan beginning of process of self meditation through which the soul attains to some degree of purity leading to self realization. Where the dispositions of prior and posterior moments are uniform, it is called करण लब्धि का एक भेद, ऊपर के समयवर्ती जीवों के परिणाम नीचे के समयवर्ती जीवों के परिणाम अर्थात संख्या और विशुद्धि की अपेक्षा समान होते हैं, इसलिए इसे अधः प्रवृत्त करण कहा जाता है।
Adhah karma see Aadhaa karm. The food which is prepared with inauspiciousness is known as adah karm. जिन कार्यों के करने से जीवहिंसा होती है उन्हें अधःकर्म कहते हैं। अधःकर्म युक्त किसी भी पदार्थ की मन, वचन, काय से साधुजन अनुमोदना नहीं करते और न ही ऐसा आहार व वसति आदि का ग्रहण करते हैं ।
Adhamaadham meanest of mean. सबसे बुरा, निकृष्ट ।
Adharm unrighteousness; irreligion; impiety; sin, wickedness; immorality; injustice; that which ought not to be done, the reverse of duty; action of conduct contrary to scriptures. सुख की उपलब्धि में बाधक और नरक का कारण, पाप, (दया, सत्य,क्षमा, शौच, वितृष्णा, ज्ञान और वैराग्य ये तो धर्म है, इनसे विपरीत बातें अधर्म हैं )।
Adhdhaasamay smallest unit of time, the time substance. समय की सबसे छोटी इकाई ।
Adhigam acquisition of knowledge by external sources, acquisition; getting; study, knowledge, mastery; acceptance. सीखना, पदार्थ का ज्ञान करना ।
Adhigamaj right faith derived from teaching or other’s preaching उपदेश और शास्त्र अध्ययन से उत्पन्न होने वाला सम्यकदर्शन।
Adhik more; additional. figure of speech allied to hyperbole अधिक, अतिरिक्त ।
Adhik maas additional, extra, month; intercalary lunar month recurring after an interval of 32 months, 16 days, one hour and 36 minutes (also called) अतिरिक्त महीना, अधिक मास चन्द्र वर्ष का एक अतिरिक्त भाग है, जो हर 32 माह, 16 दिन और 8 घंटे के अंतर से आता है, सूर्य वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच अंतर का संतुलन बनाने के लिए इसका आगमन होता है ।
Adhikaar authority; power, domination, control; ownership; right, title; privilege; claim; ability, competence, qualification or authority for performing certain duties, etc.; jurisdiction; position, dignity, rank; section; chapter; head of governing rule which exerts a directing influence on other rules. अधिकार, शक्ति, स्वामित्व, दावा ।
Adhikaar kshetra sphere of authority, jurisdiction. वह सीमा जिसमें अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकते हैं।
Adhikaran locus, substratum, the place in which the cause operates, it is the one whose help is needed to perform the deed. One’s support is needed to perform the deed is knkown as adikaran jena adhare karya thaay te, supporting stage, basis of action, supporter, receptacle, place; sense of location, locative case; government of grammatical relation; authorization; court, tribunal. आधार, आसरा, सहारा, व्याकरण में सातवां कारक, अदालत ।
Adhikrut appointed; authorized; possessing authority, authoritative. अधिकार में आया हुआ, जिस पर अधिकार हो ।
Adhipati king; superior; governor. editor of a newspaper स्वामी, राजा, प्रधान ।
Adhisthaan place of residence, abode; support; power; dignity, resting place for idol, plinth outline, Establishment आधिकारिक रूप से रहने का स्थान ।
Adhruv transient, non eternal, impermanent क्षणभंगुर, अनित्य, अविनाशी ।
Adhyaarop super imposition, false imagination. झूठी कल्पना, किसी वस्तु का आरोप किसी दूसरी वस्तु पर लगाना ।
Adhyaas misunderstanding, Abhipraya, motive, intention, meaning opinion; purpose, intended meaning, sense, erroneous transposition of attributes. Please also see the appendix at the end of the dictionary. Adhyaas is the fault of knowledge. Adyaas is explained in Hindi under the heading of Adhyaas, Adhyavasaay, Adhyavasaan. मिथ्या ज्ञान, भ्रान्त ज्ञान, अध्यास अद्वैत वेदांत का पारिभाषिक शब्द है, एक वस्तु में दूसरी वस्तु का ज्ञान अध्यास कहलाता है।
Adhyaatma spiritual conduct, Adhi means to know and aatm means self. To know the self, to know the soul is adhyaatma. it says that “Religious activity involving the true nature of soul and which is devoid of reflective thoughts of wrong belief and inclination of attachment and aversion, is known as adhyaatma. relating to soul or God; spiritual. knowledge of the soul or God; the Supreme Spirit relation between the supreme and the individual soul. मिथ्यात्व, रागादि समस्त विकल्प जाल के त्याग से स्व शुद्धात्मा में जो अनुष्ठान होता है उसे अध्यात्म कहते हैं। Aatmaa no adhikaar te adhyaatma, suddh chetnaa paddhati te adhyaatma
Adhyaatma apexaa principles on the basis of spiritual conduct. आध्यात्मिक आचरण के आधार पर सिद्धांत ।
Adhyaatma bhaashaa meditational imagination, description of the pure nature of the eternal soul substance. आत्म पदार्थ की शुद्ध प्रकृति का वर्णन ।
Adhyaatma kaa vyavahaar conventional point of view from soul’s perspectives. आत्मा के दृष्टिकोण से आध्यात्मिक दृष्टिकोण।
Adhyaatma kamal maartand a book written by pandit rajmalji पण्डित राजमल्ल जी द्वारा लिखित ग्रंथ ।
Adhyaatma no vyavahaar one takes refuge within his eternal true nature of the self and thereby obtains right faith and right knowledge. जीव स्वयं के शाश्वत सच्चे स्वरूप की शरण लेता है और इस प्रकार सम्यकदर्शन और सम्यक ज्ञान प्राप्त करता है ।
Adhyaatma paddhati where there is description for pathway to salvation. where there is description for pure nature of the soul. nature of the pure soul, stoppage, shedding, liberation description comes in adhyatma paddhati. In Adhyatma paddhati there is description for pure nature of the soul comes (parmarth vachanika hindi chapter 4 aagam and adhyaatma paddhati ki anantataa)</br>The eternal pure nature of the self and with attention focused on it, when there is pure modes occurring then it is known as suddh chetnaa padddhati or adhyaatma paddhati. This is the real path to salvation.</br>According to Niyamsaar scripture, (page 24 Kaaran shuddh paryaay book) adhyaatma paddhatti means one dealing with the eternal pure consciousness state. this is the innate nature of the eternal soul substance. Therefore it is been called as “Aatmaa kaa adhikaar”. Aagam paddhati describes the soul’s transient modal relationship. method of knowing supreme soul. जहाँ आत्मा की शुद्ध प्रकृति का वर्णन हो, मोक्षमार्ग का वर्णन हो ।
Adhyaatma rahashya mystery of supreme soul, a book written by pandit Aashaadharji आत्मा का रहस्य, पण्डित आशाधर जी द्वारा लिखित एक ग्रंथ ।
Adhyaatma rati one engrossed in the self. स्वयं में लीन।
Adhyaatma shaastra scripture of spiritual concepts. अध्यात्म अर्थात आत्मिक ज्ञान पर आधारित ग्रंथ ।
Adhyaatma sthaan because of interference of physical objects false feeling of oneness with external objects, thoughts of liking and disliking associated with wrong belief, emotions, desires, volition responsible for karma bondage, energy bond of karma, With the intensity of passions the bondage of karma gets intensity of fruition with certain strength. This is anubhaag bandh or adhyavasaan sthaan, all thoughts and feeling with the sense oneness with the external things like body etc. is known as adhyavasaan sthaan. Adhyaatma sthaan means adhyavasaay. the eternal pure soul is separate from inclination of attachment and auspicious inclination as well as physical body. but when one believes them to be one then it is adhyavasaay. This adhyavasaay is adhyaatma sthaan. Adhyatma sthaan is same as adhyavasaan sthaan (gurudev lecture samaysar siddhi part 3 page 193) Natural meditational place free from all illusions. स्वपर के एकत्व का अध्यास होने पर विशुद्ध चैतन्य परिणाम से भिन्न लक्षण वाले अध्यात्म स्थान भी जीव के लक्षण नहीं हैं, अध्यात्म स्थान का अर्थ है अध्यवसाय। शाश्वत शुद्ध आत्मा आशक्ति और शुभ प्रवृत्ति के साथ साथ भौतिक शरीर से अलग है । लेकिन जब कोई उन्हें एक मानता है तो वह अध्यवसाय है। यह अभ्यास अध्यात्म स्थान है। अध्यात्म स्थान अध्यवसाय स्थान के समान है ।( गुरुदेव श्री प्रवचन समयसार सिध्दि भाग 3 पेज 193) ચૈતન્ય જ્યોત શુદ્ધ સ્વરૂપ ......એવા ભગવાન આત્મા ને અને રાગ પુણ્યના પરણિામ, શરીર ને એકત્વ માનવ એવો જે એકત્વ અધ્યવસાય એને અહીંયા અધ્યાત્મસ્થાન ની ભાષા કહી છે</br>વશિુદ્ધ ચૈતન્ય ના પરણિામ થી જુદાપણું જેનું લક્ષણ છે એવા જે અધ્યાત્મ સ્થાનો એટલે અધ્યવસાય સ્થાનો.. .... અધ્યાત્મ એટલે આત્મા નહિં ... વશિુદ્ધ ચૈતન્ય ના પરણિામ થી જુદાપણું જેનું લક્ષણ છેએવા જે અધ્યવસાયના સ્થાનો તે બધાએ જીવ ના નથી.
Adhyaatmic metaphysical, spiritual conduct, आत्मा से सम्बंधित ।
Adhyavasaan determinate cognition, thought condition, determination, identification, identity; absorption, state of uncertainty of soul due to ignorance. (see detail write up on Adhavasaan)</br>and adhyavasaay in Hindi by Arunji Pandit from Jaipur in my documents.) Adhyavasaan is explained in Hindi under the heading of Adhyaas, Adhyavasaay, Adhyavasaan in the appendix of this dictionary. स्व और पर का ज्ञान न होने से जो जीव की निश्चिति होना यह अध्यवसान है । अध्यवसान को चारित्र का दोष कहते हैं। ।
Adhyavasaay mental efforts, temperament, volition which causes karmic bondage, desire to know, jaanvaani ichchhaa. To know is the nature of the knowledge attribute. Siddh is knowing whole universe. But transmigratory soul has desire to know. This desire is the reason for perplexity. So desire to know is the adhyavasaay. mithyaa abhipraay is adhyavasaay. Adhyavasaay is explained in Hindi under the heading of Adhyaas, Adhyavasaay, Adhyavasaan in the appendix of this dictionary. अभिप्राय, परिणाम, भाव, कषाय सहित भाव, वे भाव जिनसे कर्मों में स्थिति अनुभाग पड़ता है । अध्यवसाय को मिथ्या अभप्रिाय कहते हैं। । इसलिए मिथ्या अभप्रिाय को भी श्रद्धा कहते हैं।
Adhyavasaay sthaan place obtained by the results of karmic bondage, same meaning as adhyavasaan sthaan (gurudev lecture samaysar siddhi part 3 page 193) शाश्वत शुद्ध आत्मा आशक्ति और शुभ प्रवृत्ति के साथ साथ भौतिक शरीर से अलग है । लेकिन जब कोई उन्हें एक मानता है तो वह अध्यवसाय है। यह अभ्यास अध्यात्म स्थान है। अध्यात्म स्थान अध्यवसाय स्थान के समान है ।( गुरुदेव श्री प्रवचन समयसार सिध्दि भाग 3 पेज 193)
Adhyayan act of learning, study. सीखने की प्रक्रिया, अध्ययन ।
Adhyvasaan naa udayo deluded state of inclination of attachment and aversion, raag dwesh naa vikaari bhaav. इस लोक में निश्चय से अध्यवसान के उदय कितने ही तो संसार के हैं और कितने ही शरीर के विषय हैं। उनमें से जितने संसार के विषय हैं उतने तो बंध के निमित्त हैं और जितने शरीर के विषय हैं उतने उपभोग के निमित्त हैं। वहाँ जितने बंध के निमित्त हैं उतने तो राग द्वेष मोहादिक हैं और जितन्व उपभोग के निमित्त हैं उतने सुखदुःखादिक हैं।
Advaita single, non dual, non duality, identity, of uniform nature. भेद का अभाव, आत्मा परमात्मा में अभिन्नता ।
Advaita bhaav absence of duality, unity. एकत्व भाव वाला, एकपन ।
Advaitvaad monism. वेदान्त ।
Advesh freedom from prejudice, absence of hatred, affinity, non antipathy, द्वेष भाव का नहीं होना, सौमनस्य ।
Advitiya matchless; unique. जिसका जैसा कोई दूसरा न हो, अनोखा ।
Agaadh samyag darshan wavering serene vision. अगाढ़ सम्यग्दर्शन का एक दोष है जिसके कारण सम्यक्त्व में दृढ़ता नहीं रहती ।
Agaari householder. अगार का रथ वेश्म अर्थात घर है, जिसके घर है वह अगारी है ।
Agandh inability to smell, without smell. सूँघने में असमर्थता, गन्ध के बिना ।
Agarhaa non confession in front of master. गुरु के सामने अपनी निंदा गर्हा न करना ।
Aghaati karma non destructive karma. जो आत्मा के अनुजीवी गुणों का घाट नहीं करते हैं ।
Agitaartha non adapt, ignorance of scriptures. शास्त्रों की अज्ञानता ।
Agnaaik mithyaatva Wrong belief due to indiscrimination हित-अहित का कुछ भी विवेक-ज्ञान नहीं होना ।
Agnaan nescient, ignorant, spiritual ignorance, karma chetna and karm phal chetna both are agnaan rup ज्ञान का अभाव , मिथ्याज्ञान ।
Agnaan bhaaav ignorant inclinations. alien directed inclinations, inclinations directed to the alien objects. वस्तु स्वरूप का मिथ्याज्ञान, मिथ्यात्त्व सहित ज्ञान ।
Agnaan chetna nescient conscious, karma and karma phal chetna. कर्म या कर्मफल चेतना ।
Agnaan may bhaav alien directed inclinations,inclinations directed to the alien objects. वस्तु स्वरूप का मिथ्याज्ञान, मिथ्यात्त्व सहित ज्ञान ।
Agnaani spiritually ignorant being. जिसे वस्तु स्वरूप का यथार्थ ज्ञान श्रद्धान नहीं है, आत्मा का ज्ञान नहीं है ।
Agochar beyond the reach or comprehension of the senses; imperceptible; [ka.] where one cannot, would not like to, put his foot. जिसे इंद्रियों के द्वारा न जाना जा सके ।
Agraahya non assimilable. जो ग्रहण करने योग्य न हो ।
Agraahya varganaa non receivable molecules ऐसी कर्म वर्गणाएं जो ग्रहण करने योग्य न हों ।
Agruhit mithyaatva inborn wrong belief पूर्व संस्कारो से आने वाला जीव का अतत्त्व श्रद्धान ।
Agupti non protection, non secrecy, fear of disclosure of what is kept in secret, यह एक प्रकार का भय है, खुले स्थान पर रहने से जीव को उत्पन्न होने वाला भय ।
Aguru laghu naam karma not too heavy, not too light, जिस कर्म के उदय से जीव का शरीर लोहे के गोले की तरह भारी और आक की रुई की तरह हल्का नहीं होवे ।
Aguru laghu pratijivi gun when the soul is devoid of the status determining karma, then the higher/lower status disappear and that is called the agurulaghu pratijivi gun. With this attribute the soul is not too heavy to sink and not too light to wander away in the universe. गोत्र कर्म के अभाव यह गुण सिद्धों के प्रकट होता है, जिससे न इतना भारी की एक स्थान पर पड़ा रहे और न इतना हल्का की वायु से प्रेरित होकर आक की रुई की तरह इधर-उधर घूमता रहे।
Aguru laghu shakti Soul has 47 powers and one of them # 17 is self perpetuation power. Due to this power soul substance remains constant even though in the modal state there are 12 types of increase/decrease</br>shat gun haani vruddhi occurring. </br>In the mode there are infinite indivisible smallest part and that is called avibhaag pratichchheda. In these avibhag pratichchheda there are six types of increase and six types of decrease constantly occurring and that is called function of agurulaghu shakti. (ref: Alap paddhati sutra 17 page 55). In the trans migratory souls it is not perceived. It gets perceived in karma free state (ref: alap paddhati sutra 10 page 44, Dhavalaa 6th volume page 58 ) जड़ या चेतन प्रत्येक द्रव्य में अगुरुलघु नाम का एक सूक्ष्म गुण स्वीकार किया गया है जिसके कारण वह प्रतिक्षण सूक्ष्म परिणमन करते हुए भी ज्यों का त्यों बना रहता है संयोगी अवस्था में वह परिणमन स्थूल रूप से दृष्टिगत होता है शरीर धारी जीव भी हल्के भारीपने की कल्पना से युक्त हो जाता है इस कल्पना का कारण अगुरुलघु नाम का एक कर्म स्वीकार किया गया है।
Aham bhaav egotism; pride, egocentricity, self interest, selfish, अहंकार का भाव, अभिमान ।
Aham buddhi pride, haughtiness, “This is me” belief is aham buddhi अहंकार की बुद्धि, अभिमान ।
Aham panaa egoism; pride, Faith, shraddhaa, अहंकार, गर्व, अपने में अपनापन ।
Ahamindra non graded celestial beings अपने को इंद्र उद्घोषित करने वाले कल्पातीत देव अहमिन्द्र नाम से प्रख्यात हैं, न तो उनमें असूया है और न मत्सरता है एवं न ये पर की निंदा करते हैं और न प्रशंसा ही करते हैं। केवल परम् विभूति के साथ सुख का अनुभव करते हैं ।
Ahankaar to be proud of self, ego, egoism; pride, arrogance. अहंकार, अभिमान, गर्व करना ।
Ahetu fallacy. जो कारण न हो ।
Ahetuk without cause or motive, condition less, not rooted in tendencies, akaaran. swatahsiddh, exists due to self only. बिना कारण के ।
Ahitkar harmful, injurious; causing loss. अहित या अपकार करने वाला, जिससे हानि हो ।
Aho expressing surprise, praise, compassion, sadness, etc.; pref. good, much, etc. एक अव्यय जिसका प्रयोग कभी संबोधन की तरह और करुणा, खेद, प्रशंसा, हर्ष और विस्मय सूचित करने के लिए होता है ।
Ahobhaav feeling, sense, of wonder; praise, eulogy. आश्चर्य बोधक भाव, कृतज्ञता का भाव ।
Ahoho expressing surprise, praise, compassion, sadness, etc.; pref. good, much, etc. आश्चर्य, प्रशंसा, करुणा, उदासी आदि के भाव ।
Aikya oneness, unity, harmony, एकता, एकरूपता ।
Aishwarya power, sovereignty, overlordship; divinity; supremacy; greatness; grandeur, opulence.sameness, identity, an aggregate, वैभव, धन-संपत्ति, सम्पन्नता, समृद्धि ।
Aitihya history, जो परंपरा से चला आ रहा हो, जिसे बहुत दिनों से सुनते चले आ रहे हों।
Ajaagrut non alert. जो जागृत न हो ।
Ajanma never to take birth again. जिसने कभी जन्म न लिया हो ।
Ajiv lifeless; without living things. n. [Jain philos.] lifeless matter, non soul, without consciousness, non life. जिसमें ज्ञान-दर्शन नहीं पाया जाता, चेतना से रहित ।
Akaam nirjaraa disintegration with maturity of karma, savipak nirjara, involuntary shedding of karma, Desire less disintegration ,involuntary dissociation of karma. इच्छा रहित होने पर भी इंद्रिय विषयों का त्याग करते हुए भोग-उपभोग के निरोध को सहन करने से होने वाली कर्मों की निर्जरा ।
Akaaran without cause, causeless; aimless; (of quarrel, attack, etc.) without provocation. बेवजह, बिना कारण के ।
Akaaryakaaranatva Shakti soul’s power of non doer ship and causeless ness. आत्मा की एक ऐसी शक्ति जिसके कारण यह आत्मा न तो अन्य से किया जाता है और न अन्य को करता ही है, एक द्रव्य दूसरे द्रव्य का कर्ता नही है, कारण नहीं हैं, कार्य नहीं है ।
Akalank innocent, spotless; without stigma or blemish; clean; pure. निर्दोष, कलंक से रहित, शुद्ध ।
Akalank dev Was there probably in 8th century. He is considered as the creation of Jain Nyaay. He created Rajvaartik(first tikaa on Tatvaarth sutra), Bhashya, Tatvaarth Vaartik, Nyaay Vinischya (description about Jain Nyaay), आचार्य अकलंकदेव जैन दर्शन में एक युग निर्माता के रूप में जाने जाते हैं। उल्लेखों के आधार पर आठवीं शती के आचार्य मने जाते हैं, आप जैन न्याय के प्रतिष्ठाता कहे जाते हैं ।
Akarma non functional, pure meditation, कर्म का अभाव, अनुदय रूप कर्म प्रकृतियों के निषेक एक समय तक स्वरूप में रहकर तीसरे समय में अकर्मभाव को प्राप्त होते हैं।
Akarma bhumi land of enjoyment. आनंद केई भूमि, जहां कुछ करना न पड़े ऐसा स्थान ।
Akartaa non doer. किसी कार्य को न करने का भाव, लोक में एक वस्तु का अन्य वस्तु के साथ सम्पूर्ण सम्बन्ध का निषेध, इसलिए वस्तु परद्रव्य की अकर्ता ही है ।
Akartavya non performable duty न करने योग्य, जिसका करना उचित न हो ।
Akartutva attitude of not doing some thing, attitude of non doership, one of the 47 powers of soul. अकर्तापने का भाव, 47 शक्तियों में 21 वीं शक्ति, ज्ञानभाव से भिन्न कर्मोदय से होनेवाले रागादि विकारी भावों के कर्तृत्व से रहित अकर्तृत्व शक्ति है ।
Akhanda indivisible, unbroken, undivided; whole, complete., As such from quality perspectives attributes and substance are two separate things from absolute point of view. But Soul substance is with knowledge and knowledge is with soul. This way they both are in indivisible nature. Akhand is from attribute perspective and abhed is from modal perspectives. अविभाज्य, अखण्ड, सम्पूर्ण, जैसे आत्मा और ज्ञान अविभाज्य है।
Akhed tirelessly, happy, non weariness. दुःख का अभाव, प्रसन्नता ।
Akinchitkar inert, indirectly active, useless, innocent . जिसका किया कुछ न हो, असमर्थ, अशक्त ।
Akram not in a sequential order. बिना क्रम के ।
Akrutrim not artificial, natural; not feigned, sincere; genuine, true. प्राकृतिक, वास्तविक, जो किसी ने बनाया न हो ।
Aksha gnaanendriya, pavitra gnaan, Pure knowledge, die (in playing); bead of a rosary; axle of a wheel; axis of the earth; [at the end of a compd.] eye; [geog.] angular distance of place either N. or S. from the equator; organ of sense; [math.] any of the imaginary axes at right angle to one another for determining the position of a point in space, physical senses. one who knows is aksh i.e. soul. पहचानता है, अथवा बोध करता है, व्याप्त होता है, जानता है, ऐसा अक्ष आत्मा है। पासा, पहिए का धुरा।
Akshar shrut alphabet scripture. Three types:</br>1: Samyak Akshar Shape of the letter. The script or alphabet </br>2: Vyanjan Akshar: sound of the letter. In other word, the spoken letters. </br>3: Labdhy Akshar: possessed only by one who is competent to learn alphabet i.e. akshar labdikaa, and can be possible through all the five senses and mind. Ref: Nandi sutra. अक्षरों से होने वाले ज्ञान को अक्षर श्रुत कहते हैं इसके तीन भेद हैं संज्ञा अक्षर, व्यंजन अक्षर, लब्ध्य अक्षर ।
Akshaya non decaying, inexhaustible; imperishable अविनाशी, जिसका क्षय न हो सके।
Akshaya pad liberation, moksha. मोक्ष, मुक्त दशा, ऐसा पद जिसका क्षय न हो ।
Akshepa non distraction किसी के आचरण, कथन या कार्य के सम्बंध में कही जाने वाली कोई ऐसी अप्रिय कटु या कठोर बात जिससे वह कुछ दोषी सिद्ध हो या मन लज्जित हो।
Alakshan bad, inauspicious sign, having no sign or mark, without characteristics, अशुभ लक्षण, चिन्ह का अभाव, बुरे लक्षण ।
Alakshya invisible; unknowable; aimless. Brahma, indefinable, unobserved, unmarked, not indicated, having no particular mark, अदृश्य, अज्ञेय, जिस पर ध्यान न दिया हो ।
Alankaar ornament; embellishment; figure of speech; melodious arrangement of notes. आभूषण, शब्द और अर्थ की जिस विशेषता से काव्य का श्रृंगार होता है उसे अलंकार कहते हैं ।
Alaukik unusual, supernatural, rare. असामान्य, दुर्लभ, अद्भुत, अपूर्व, जो लोक में न मिलता हो।
Aling graahya can not be accepted through alien things.par thi grahya nathi te, जो इन्द्रिय से ग्रहण करने योग्य न हो ।
Aling grahan beyond inferential mark,: which is not absorbed by any sensual organs, the one which is been accepted by true nature of the self and not by any sense organs., soul cannot know through the signs of alien things. soul can not be realized with inference based on the sense perception, soul can be realized without any mark linga. Linga means sense chinh. realization without any external mark or symbol. Ling means inference anumaan, Grahan means to know. Aling grahan means soul is the object of the direct experiencing. Therefore it can not be known by inference.aling grahan 20 bol: 2+3+1+5+6+3 =20. Pravachansaar stanza 172. 2 Indriya related 3 anuman related 1 swa samvedan related 5 upyog related 6 ling chinh related 3 dravya, gun paryay related जो किसी इंद्रिय से ग्रहण में न आवे, जो अनुमान से नहीं जाना जा सके ।
Alipta not besmeared, unstained; unattached, detached. अनासक्त, पृथक, भिन्न, निर्लिप्त, निर्दोष ।
Alpagnan knowing very little, shallow. कम ज्ञान , कम जानकारी।
Amal clean, clear; free from impurities, pure. साफ, शुद्ध, मल से रहित।
Amar immortal, deathless. god. न मारने वाला, अविनाशी, भगवान।
Ambuj Lotus. कमल।
Amehnaakaar sarva vyapak. extended in the whole universe. लोक व्याप्त।
Amlaan gnaan pure, perfect, omniscient knowledge निर्मल ज्ञान, सर्वज्ञ का ज्ञान ।
Amogh immutable, inflexible, permanent, established, lasting, enduring, steadfast. अचूक, अव्यर्थ ।
Amudh non perplexed, non infatuated, जिसमें बुद्धि हो, विद्वान ।
Amudh drashti Non stupidity in the omniscient lords, scriptures and enlightened teachers. अमूढता का अर्थ मूढ़ता का नहीं होना है अर्थात यथार्थ दृष्टि रखना, सच्चे देव-शास्त्र-गुरु के सिद्धांतों के प्रति यथार्थ दृष्टिकोण रखना और मिथ्या मार्ग पर चलने वालों से संपर्क नहीं रखना, उनकी प्रशंसा नहीं करना व उन्हें सन्मति नहीं देना ।
Amurta non corporeal, without form. जिसका आकार न हो, जो दृश्यमान न हो, जिसमें स्पर्श, रस, गन्ध, वर्ण नहीं पाया जाता हो।
Amurtatva imperceptibility. अमूर्त द्रव्यों का एक गुण, अमूर्त द्रव्यों का भाव।
Anaaatmagn destitute of spiritual knowledge, one without spiritual knowledge आध्यात्मिक ज्ञान से रहित ।
Anaabhog During an on going resolution pachchakhaan if I forgot about my resolution and also by mistake broke the resolution ahead of prescribed time श्रावक की 25 क्रियाओं में से एक क्रिया, बिना देखी, बिना साफ की हुई जमीन पर उठना बैठना, लज्जादि के वश में लोगों से छिपाकर दोषादि करना भी अनाभोग कहलाता है ।
Anaachaar excessive attachment to the pleasure of the world, misconduct, complete violation of observing vows, विषयों में अत्यंत आसक्ति वश किसी व्रत को ग्रहण ही नहीं करना या किसी कारण लिए हुए व्रतों को पूरी तरह छोड़ देना।
Anaacharniya that which is prohibited or forbidden, जो आचरण के योग्य न हो, जो निषिद्ध हो ।
Anaadar disrespect, अपमान, आदर नहीं होना ।
Anaadi never was born,never been created, beginning less, जिसका आदि या आरंभ न हो, जो सदा से बना चला आ रहा हो।
Anaadi anant Which has neither beginning nor end, eternal जिसका कोई प्रारम्भ और कोई अंत न हो, शाश्वत ।
Anaadi nidhan neither beginning nor end, eternal न आदि न अंत हो जिसका, शाश्वत।
Anaadi saant beginning less but with end जिसका प्रारम्भ न हो लेकिन अंत हो ।
Anaagaadh chronic, पुराना, दीर्घ, स्थायी ।
Anaagat future time, भविष्य काल, जो आने वाला है।
Anaagat pratyaakhyaan renunciation for future, आगामी काल के लिए त्याग करना ।
Anaagataa vikshan anticipation,
Anaahat not beaten, unhurt; not used, unbleached, new; not produced by beating or striking. जो घायल न हुआ हो, जो आघात से उत्पन्न न हुआ हो।
Anaahat naad such self originating sound heard by the yogis or mystics. अन+ आहत यानि जो ध्वनि किसी आहत या चोट की न होकर अनादि है, स्वतः उत्पन्न है ।
Anaakaanksha mortification (freeness) from worldly desires,
Anaakaanksha kriyaa to disobey the prescribed jaina discipline, सांपरायिक आस्रव की कारणभूत पच्चीस क्रियाओं में बीसवीं क्रिया। इस क्रिया से अज्ञान अथवा आलस्यवश शास्त्त्रोक्त रीति से विधियों के करने में अनादर होता है।
Anaakaar indeterminate, formless, a type of renunciation, निराकार, जिसका कोई आकार न हो।
Anaakaar upyog by (the help of) senses, mind and visual (conation) detail less apprehension of substances lasting for one antar muhurt is attention without form, indefinite consciousness attentiveness, darshan upyog, saamaanya upyog दर्शन उपयोग, इंद्रिय, मन और अवधि के द्वारा पदार्थों की विशेषता को ग्रहण न करके जो सामान्य अंश का ग्रहण होता है, अनाकार उपयोग कहते हैं।
Anaakul not perplexed, not confused, calm, self possessed, happiness without restlessness, calm, consistent, serenity. peace; quietude; composure, super sensuous bliss. आकुलता से रहित, शांत, स्थिर।
Anaakul aanand super sensuous bliss., serene bliss. निर्मल आनंद, मोक्षसुख।
Anaamat kept in deposit, deposited; reserved. Thing kept in deposit, deposit. जमा किया गया ।
Anaap sanaap meaningless, worthless; useless; uncalled for. व्यर्थ का काम, अनावश्यक, अर्थहीन।
Anaarya non virtuous person, non civilized person, crooked; जो गुणवान सज्जन न हो, जो सभ्य न हो।
Anaasakta non attached, detached आसक्ति से रहित, जिसे सांसारिक सुखों से लगाव न हो, निर्लिप्त, उदासीन।
Anaasakti non attachment, detachment, non attachment from worldly affair, किसी भी वस्तु, सांसारिक सम्बन्धों में मोह का अभाव, राग और द्वेष से असंपृक्त हो जाना अनासक्ति है।
Anaasanga non attachment. राग का अभाव ।
Anaath orphan, असहाय, बिना बिना माँ-बाप का बच्चा।
Anaatma panu non self state.
Anaatmaa person without knowledge of the self; one who has not restrained his self. non soul entity, selflessness, corporeal, destitute of spirit, non self,different from soul जो आत्मा नहीं है, वह जिसको स्वयं का ज्ञान नहीं है, आत्मा से भिन्न ।
Anaatmabhut non self alienable, non integral. जो अपना अंग नहीं है, जो वस्तु के स्वरूप में नहीं हो।
Anaatmak unreal अप्राकृत, अवास्तविक, काल्पनिक, अयथार्थ।
Anaatman not self, another, something different from soul आत्मा से अलग, दूसरा ।
Anaatmataa selflessness, deprived of soul. आत्मा से रहित ।
Anaatmavaad doctrine of non believing in soul. आत्मवाद को न मानने वाला एक मिथ्या मत।
Anaatmya impersonal, want of affection from one’s own family, अपनों या परिवारवालों के लिए स्नेहरहित व्यक्ति।
Anaavaran to expose something which was hidden, unobstructed. उद्घाटन, पर्दा हटाना।
Anaayaase without difficulty, easily. बिना प्रयत्न के, सरलता से।
Anaayatan worthless places of false religion, perversity, wrong perception, non receptacles, aayatan means place to stay an means non, place where monk cannot stay eg, movie theater or the house of prostitute. जो धर्म स्थान न हो; कुदेव, कुगुरु, कुधर्म व इनके सेवक 6 अनायतन हैं।
Anabhipret non desired. unintended; non wished; unaccepted, unapproved. अनपेक्षित, गैर वांछित, अस्वीकृत।
Anabhivyakt implicit, non expressed, जो व्यक्त न हुआ हो, प्रकट न हो, गुप्त।
Anabhivyakti non manifestation, अभिव्यक्ति का न होना।
Anadhyavasaaya inconclusiveness, indecision, inattention, indeterminate cognition, uncertainty e.g. to know in indecision about touching the grass while walking. “यह क्या है” इसप्रकार का जो ज्ञान होता है, उसको अनध्यवसाय कहते हैं। जैसे- रास्ता चलने वाले को तृण या काँटे आदि के स्पर्श मात्र से यह कुछ पदार्थ है, ऐसा ज्ञान होता उसको अनध्यवसाय कहते हैं।, अनिर्णयात्मक ज्ञान ।
Anadyatan a tense either past or future, no applicable to present. आज से पहले या पीछे का, आज के दिन का नहीं।
Anagaar homeless ascetic. घर-ग्रहस्थी के ममत्व से रहित निष्परिग्रही साधु, महाव्रत धारियों को अनगार कहते हैं।
Anagaar dharma the rule of life prescribed for the monks. अट्ठाईस मूलगुणों से युक्त चर्या ।
Anagaar dosh eating with great avidity महाव्रतों के पालन में लगने वाले दोष।
Anagaar ling insignia adopted by homeless ascetics. महाव्रततियों द्वारा अपनाया गया वेष, जिनलिंग।
Anagh sinless, pious. पाप से रहित, पवित्र, पुण्य।
Anal fire; anger; kind of imaginary bird. अग्नि, पेट की अग्नि, पाचन शक्ति।
Analysis analysis is the process of braking a complex topic or substance in to smaller parts so as to gain better understanding. विश्लेषण।
Anang bodiless, incorporeal. god of love, Cupid, sensual pleasure and enjoyment, kaam bhog देह रहित, आकृतिहीन, कामदेव।
Anant infinite, will never be dead. can never be destroyed, similarity of infinite can be given as follow: When one divides 10 by 3 then it will be 3.3333333333 etc. These three after decimal point will be there for infinite time but still it will not give total answer to what is the real number of 10 divide by 3. This is infinite. जिसका कोई अंत न हो, अनंत संसार का कारण होने से मिथ्यादर्शन भी अनन्त कहलाता है(सर्वार्थसिद्धि)
Anant aanand infinite bliss मोहनीय कर्म के अभाव में सिद्धों के प्रकट होने वाला गुण अनन्त सुख।
Anant chatushtay infinite quaternity, infinite tetrad, infinite eternal wisdom, infinite eternal bliss and infinite eternal power अनन्त चतुष्टय - अनन्त ज्ञान, अनन्त दर्शन, अनन्तवीर्य, अनन्त सुख।
Anant Dharmaatmak with infinite component elements of its own. प्रत्येक वस्तु अनंत धर्म वाली है।
Anant mo Bhaag infinitesimal part. अतिसूक्ष्म भाग।
Anant virya infinite power अनन्त शक्ति।
Anantaanubandhi passion leading to endless mundane existence, intense passions causing binding with worldly affairs infinitely. अनंत संसार का कारण होने से मिथ्यादर्शन अनंत कहलाता है तथा जो कषाय उसके अनुबंधी हैं, वे अनंतानुबंधी क्रोध, मान, माया, लोभ हैं।
Anantaanubandhi chatuska four passions leading to endless mundane existence. अनन्तानुबन्धी क्रोध, मान, माया, लोभ।
Anantar nearest. तुरंत बाद, अंतर रहित, सामीप्य।
Anantar purva kshan varti paryaay immediately prior transient mode in a substance. mode, which itself is transient in nature and which comes immediately prior to the present mode द्रव्य और गुणों में जो पर्याय का प्रवाहक्रम अनादि अनन्त चला करता है, उस प्रवाहक्रम में अनन्तर-पूर्वक्षणवर्तीपर्याय क्षणिक उपादान कारण है।
Ananvaya lacking in positive concomitance, unconnected. अन्वय या सम्बन्ध का अभाव, साहित्य में एक अलंकार जिसमें उपमेय को ही उपमान मैन लिया जाता है।
Ananya Identical, not separate or different; matchless; devoted or loyal to one only, unique, entire devotion, inseparable, not separate or different; एकनिष्ट, एकमात्र, अभिन्न, अविभाज्य।
Ananya bhaav uniqueness; identity; exclusive devotion to one जिसका भाव या भक्ति एक ही के प्रति हो, एकनिष्ट भक्त।
Ananya parinaam inalienable modes, modes which remains identical to the substance, unable to separate modes from substance. अविभाज्य परिणाम, जो पदार्थ समान रहता हो, जो परिणाम अलग न किया जा सके।
Ananyak not other than itself. स्वयं के अलावा नहीं।
Anapohatvaa not to have entire separateness.
Anapvartaniya aayushya the life span can not be reduced. one with long life span बंधे हुए आयुष्य में किसी प्रकार का परिवर्तन संभव न हो, जितनक बांधा हो, उतना अवश्यमेव भोगना पड़े, उसे अनपवर्तनीय आयुष्य कहते हैं।
Anarghya amulya, priceless. जिसका मूल्य न हो, बहुमूल्य ।
Anarpit viewed from other stand point, without any devotion, not giving prominence from one point of view, secondary importance, प्रयोजन के अभाव में जिसकी प्रधानता नहीं रहती ।
Anarth purposeless, जिसका कोई प्रायोजन न हो ।
Anarth danda vrata purposeless violence limitation vow बिना प्रयोजन ही मन वचन काया से जो पाप होते हैं, उन्हें अनर्थदण्ड कहते हैं। उनका जो रुचि से त्याग करते हैं उसे अनर्थदण्ड व्रत कहते हैं ।
Anarthaantar unity, abhinn, ananya, identical.
Anarthaantarbhut to be in unity, to become abhinn, to be ananya, to be identical.
Anashan fasting उपवास, आत्मिक बल की वृध्दि के लिए भोजन आदि का त्याग करना।
Anavadya nirdosh, innocent, blameless, virtuous, innocent, perfect, abaadhya, without any hinderance. निर्दोष, दोषरहित, बिना किसी बाधा के ।
Anavarat continuous, incessant, uninterrupted लगातार, सतत, बिना किसी रुकावट के ।
Anavardhyut giving up irregularity of food intake,
Anavardhyut anashan Austerity related to fasting of desirable things, without the wish for future enjoyments, निराकांक्ष अनशन तप, आगामी भोगों की आकांक्षा से रहित होकर अनशन तप करना।
Anavardhyut kaal anashan Fasting unto death time. शरीर छूटने तक उपवास धारण करना।
Anavasarpini siddh liberated soul from videh kshetra. ( there is no ascending or descending time cycle in videh kshetra) विदेहक्षेत्र से सिध्द, क्योंकि वहाँ अवसर्पिणी-उत्सर्पिणी काल का विभाजन नहीं है।
Anavastha infinite regress, a fault which is always followed. अनन्त वापसी।
Anavasthaapya a type of repentance, Parihaar praayaschit kaa ek bhed, परिहार प्रायश्चित का एक भेद।
Anavasthit transient, unlimited, indefinite, a type of clairvoyance knowledge, multiplicity, anek, avadhi gnaan kaa ek bhed, transiency. क्षणिक, अनिश्चित, जो विद्यमान न हो।
Anavidhi unlimited, infinite असीमित, अनंत ।
Anek more that one, many. एक से अधिक, कई।
Anekaakaar many shapes, many forms, बहुलवाद, एक पदार्थ में मौजूद परस्पर विरोधाभासी चींजे, बहु दृष्टिकोण ।
Anekaant anek dharma, all the component elements of the substance, which includes substance, its infinite attributes and its all modes. Relative pluralism, nonabsolution, many fold point of view, mutually contradictory things present in a substance e.g permanency and transitoriness, multiple point of view, it is non absolutism which is established by pramaan and naya. it is non absolute as comprehended with the help of comprehensive knowledge pramaan and is becomes absolute when a partial point of view naya is applied to it. According to Purushaarth Siddhi Upaay book verse 2: Anekaant means the negation of the absolutism of existence, non existence permanence and momentariness.
Anekaant swarup panu see anekaantaatmak above. वस्तु में एक ही समय अनेकों क्रमवर्ती व अक्रमवर्ती विरोधी धर्मों, गुणों, स्वभावों व पर्यायों के रूप में भली प्रकार प्रतीती के विषय बन रहे हैं। जो वस्तु किसी एक दृष्टि से नित्य प्रतीत होती है वही किसी अन्य दृष्टि से अनित्य प्रतीत होती है।
Anekaantaatmak multi faceted ness, property of having many aspects and modes, substance’s many attributes, modes and many of its components elements dharma.
Anekaantvaad relative pluralism, non absolution, स्याद्वाद, वस्तु के अनेक धर्मों की अपेक्षा कथन करना।
Anekataa variety, multiplicity विविधता, बहुलता।
Anekatva variety, multiplicity विविधता, बहुलता।
Anekatva dosh absence or lack of unity as a fault in logic. एकता की कमी।
Anekpanu to be in multiple forms. अनेक रूपों में होना।
Anektaa variety, multiplicity. विविधता, बहुलता।
Aneshanaa lack of carefulness in searching for food. भोजन की तलाश में सावधानी का अभाव।
Anga Components, twelve anga original scriptures as propagated by Omniscient Lord (see also appendix) 1:Aachaarang: Muni Dharma 18,000 verses 2: Sutra Krutaang For Worshiping aaraadhanaa 36,000 verses 3:Sthaanang Description of six substances 42, 000 verses 4: Samvaayaang 1,64,000 verses. Substance, area, time and intentions of a substance’s description dravya kshetra kaal bhaav varnan 5: Vyakhyaa Pragnapti Bhagwati sutra. 2,28,000 verses Living being’s existence and non existence description asti nasti varnan 6: Gnatru Dharma Kathaan 5,56,000 verses. Direct disciple of Lord asking questions about the nature of soul etc substances. 7. Upaasakadhya 11,70,000 verses .Description of householder’s vow, virtuous and moral conduct etc. 8. Antah Krut Dashaang 2328000 Sutra. Description of sever calamities occurring to ten antah krut kevali during time of Omniscient lord. 9. Anuttaropaadikdashang 9244000 Sutra. Description of severe calamities occurring to 10 monks who in spite of sufferings, went to annutar vimaan as dev. 10. Prashna Vyaakranaang 9316000 stanzas. Nature of reality explained by philosophical doctrine ( naya) and logic (yukti) 11. Vipaaksutra 18400000 sutra. Nature of fruition of merit and demerit karma. 12. Drasti pravaad 108685605 sutra. 363 different opinions are refuted (363 mat nu khandan) In 12th ang, there are five major chapters: 1:Parikarma, 2:Sutra, 3:Prathamaanuyog, 4:Purvagat has description of fourteen purva, and 5:Chulikaa. Total sutra in 12 ang are: •112,835,805 (Ref: Ashta pahud sutra pahud.) भगवान की वाणी द्वादशांग श्रुतज्ञान रूप है, उस श्रुतज्ञान के दो भेद हैं- 1.आचारांग इनमें 18000 पदों द्वारा मुनियों के आचार का वर्णन है। 2. सूत्रकृतांग- इस अंग में 36000 पदों द्वारा ज्ञानविनय, प्रज्ञापना, कल्प्याकल्प, छेदोपस्थापना और व्यवहार धर्मक्रिया का प्ररूपण है।3. स्थानांग- यह अंग 42000 पदों द्वारा उत्तरोत्तर एक-एक स्थानों का वर्णन है।4. संमवायांग- इस अंग में 164000 पदों द्वारा सम्पूर्ण पदार्थों के समवाय का वर्णन है।5.व्याख्याप्रज्ञप्ति अंग-इस अंग म् 228000 पदों द्वारा क्या जीव है ? क्या जीव नहीं है ? इत्यादि रूप साठ हजार प्रश्नों का व्याख्यान है।6.नाथधर्मकथांग- इस अंग का नाम ज्ञातृधर्मकथा भी है। यह 556000 पद- गणधर मुनि आत्मा आदि पदार्थों की प्रकृति के बारे में प्रश्न पूछते हैं।7. उपासक अध्ययनांग- 11,70,000 श्लोक गृहस्थ के व्रत, सदाचार, और नैतिक आचरण आदि का विवरण हैं।8. अन्तःकृत दशांग 23,28,000 सूत्र,सर्वज्ञ प्रभु के काल में दस अन्तःकृत केवली को होने वाली घोर विपदाओं का वर्णन है।9.अनुत्तरौपपादिक दशांग- 92,44,000 सूत्र- भिक्षुओं पर होने वाली गंभीर आपदाओं के वर्णन जो कष्टों के बावजूद देव के रूप में अनुत्तर विमान में गए।10.प्रश्नव्याकरणांग – 93,16,000 श्लोक – दार्शनिक सिद्धांत और तर्क द्वारा समझाया गया वास्तविक स्वभाव।11.विपाक सूत्रांग – यह अंग एक करोड़ चौरासी लाख पदों द्वारा पुण्य और पापरूप कर्मों के फलों का वर्णन करता है।12. दृष्टिवादांग – इस अंग में क्रियावादियों के एक सौ अस्सी मतों का वर्णन और निराकरण है।दृष्टिवाद अंग के पाँच अधिकार हैं – परिकर्म, सूत्र, प्रथमानुयोग, पूर्वगत और चूलिका।
Anga barah twelve compositions श्रुतज्ञान का एक प्रकार। इसके अनेक भेद होते हैं।
Anga pravisht original canon श्रुतज्ञान के दो भेदों में से एक। इसके आचारांग आदि बारह भेद होते हैं।
Anga Vastra stole. दुपट्टा।
Angamo dislike, disgust. नापसन्द, घृणा।
Angdhar saint who possesses the knowledge of twelve angs scriptural parts. जो साधु 12 अंगों का ज्ञान रखते हैं।
Angikaar acceptance. धारण करना।
Angopaang organs, organelle मानव शरीर मे आठ अंग तथा अन्य उप अंग कहलाते हैं।
Angopaang naam karma organelle genetic code function. जिस कर्म के उदय से अंग और उपांगों की रचना होती है।
Anichchhak one with no desire, one having no ambitions,free from desire; detached; indifferent जिस शास्त्र अथवा गुरु से अपने को ज्ञान हुआ हो, उसे छिपाना नहीं चाहिए।
Aninh not to hide the name of your guru ज्ञान वा अपने गुरु का नाम नहीं छिपाना।
Aninhavachaar No concealment of knowledge, or of its sources, one of the eight pillars of right knowledge जिसमें ज्ञान वा अपने गुरु का नाम नहीं छिपाया जाता, सो वह सम्यग्ज्ञान का आठवां अंग है।
Anirdisht sansthaan It is difficult to say some thing about the shape of a thing. Nirdisht means to be told and sansthaan means shape. चौकोर-गोल आदि कुछ आकार उसका कहा नहीं जाता है, इस प्रकार जीव जानो। निर्दिष्ट अर्थात बताया जाना और संस्थान का अर्थ है आकार।
Aniruddha unobstructed. अबाधित, व्यवधान रहित।
Anirvachaniya inexpressible in words जिसको वचनों से कहा न जा सके।
Anishiddha to keep, non restrained,unchecked, no prohibition for its use जिसका निषेध न हो, जो अवैध या वर्जित न हो।
Anishpann not born yet, incomplete, unproven. जो सम्पन्न न हुआ हो, अपूर्ण ।
Anisht thing that proponent does not want to prove je vastu ne vaadi siddh karava nathi mangato te. not desired; undesirable; bad, evil. unwelcome thing; evil; calamity, not desired; अवांछित, अशुभ, अहित, अमंगल ।
Anisht sanyog to get undesirable thing अवांछित वस्तु का प्राप्त होना।
Anistha non beneficial, detrimental, undesirable. अलाभकारी, अहितकर, अवांछनीय।
Aniti immorality; immoral behavior; sin; injustice. अनैतिक होने का भाव, अनुचित व्यवहार।
Anittha lakshan sansthaan the one with no particular shape like shape of cloud etc. मेघ आदि के आकार जो कि अनेक प्रकार के हैं और जिनके विषय में ‘ यह इस प्रकार का है। ‘ यह नहीं कहा जा सकता वह अनित्थं लक्षण संस्थान है।
Anitya instability, transient. अध्रुव, अस्थायी, नश्वर, नाशवान।
Anitya Taadaatmya Sambandh transient inherent relationship. e.g. auspicious and inauspicious type of deluded state mode and the soul substance. (see also sambandh), In Samaysaar in Karta Karma Adhikaar it is also called sanyog siddh sambandh. द्रव्य तथा पर्याय में अनित्य तादात्म्य है। संयोग सिद्ध सम्बन्ध- स्वभाव और विभाव में - यद्यपि क्रोध आत्मा में होता है लेकिन क्रोध और आत्मा में ऐसा सम्बन्ध नहीं है जैसा आत्मा और ज्ञान में है। अतः क्रोध को आत्मा का संयोगी भाव कहा जाता है।
Anivrutti abstinence from attachment to external objects. मन की वह अप्रिय और कष्ट देने वाली अवस्था जिससे छुटकारा पाने की स्वभाविक प्रवृत्ति होती है।
Anivrutti karan process of self meditation through which the soul attains right belief or self realization by suppressing certain form of deluding karma. And wherein the dispositions of Jivas of the same moments are of uniform purity only and are not of different degrees of purity such state of dispositions is called Anivritti Karana. The dispositions of all Jivas in the first moment of this Karana are necessarily identical; similarly all Jivas of the second, etc. moments also have identical purity of dispositions. Further, the purity of dispositions of all Jivas of second, etc. moments are always with infinite times more purity than the Jivas of the first moments.Anivrittikarana takes place after Apoorva Karana. Its period is equal to a numerable fractional part of Apoorva Karana period. In it, after lapse of sometime and with aforesaid essentials, the Jiva performs Antar Karana, (Antar karana: Operation of dislodging the due duration of Nishekas due for rise. Kimantrakarn. N.am ? vivikkhyakamman.an haitthimovarimatthideeao motoon.majjhai antomuhutmaitan.an tthidin.an parin.amvisaisain.isaign.bhaveekaran.mantarkran.midi bhan.n.dai (Jeydhavala a. p. 953) i.e., he makes the Nishekas of Mithyatva Karma of one Muhurata period only to remain suspended which were due for coming into rise after the end of Anivritti Karana period; (Moksha Marg Prakashak 7th chapter, samyak sanmukh mithyadrasti) जहाँ एक काल में एक ही परिणाम होने से सम समयवर्ती जीवों के परिणामों में समानता ही रहती है और भिन्न समयवर्ती जीवों के परिणामों में असमानता ही रहती है उसे अनिवृत्तिकरण कहते हैं।इन अनिवृत्तिकरण रूप परिणामों के प्रभाव से यह जीव चारित्र मोह की प्रकृतियां की स्थिति और अनुभाग को उत्तरोत्तर क्षीण करता जाता है। दशम गुणस्थान की अपेक्षा इस गुणस्थान में सांपराय कषाय बादर-स्थूल रहती है इसका दूसरा नाम बादरसाम्पराय भी है।
Aniyat unrestricted, indefinite movement,uncertain; indefinite; indeterminate;unsettled.. अनिश्चित, अनियमित।
Aniyat gaami saint having no certain schedule about walking. जिनके गमन करने का कोई निश्चित कार्यक्रम न हो ऐसे संत।
Anjali cavity formed by putting two hands side by side, hollowing the palms; quantity contained by it. हथेलियों पर बनाया गया गड्डा।
Anjanaa collyrium. हनुमान की माता, नरक की चौथी पृथ्वी, पंकप्रभा का अपरनाम, अंजन लगाने वाली।
Ankur sprout, shoot; origin; [fig.] seed; (of a wound) being healed or cured, healing. बीज में से निकला हुआ पहला छोटा कोमल डंठल जिसमें नये पत्ते निकलते हैं, उद्भव ।
Anruju wicked person. दुष्ट व्यक्ति।
Anrut vachan speech full of violence. ऐसे वचन जिनसे हिंसा हो, असत्य वचन।
Ansanyukta separate, non joined, जो न मिला हुआ हो, असम्मिलित, असमाविष्ट।
Ansh part, degree, portion, section. भाग, हिस्सा, अवयव, भेद।
Anshi the thing in which there is part or portion or section present, sharer, co-heir, entitled to a share; having parts or members; possessing an attribute जिसमें भाग मौजूद हों, हिस्से का हकदार।
Ant dipak throwing light up on an idea at the end, verb standing at the end of the sentence. वाक्य के अंत में प्रयोग होने वाला जो पहले के सभी वाक्यों के साथ प्रयोग होगा।
Ant krut kevali omniscient lord who has removed his transmigration. within 48 minutes after omniscient one obtains nirvana. जो आठ कर्मों का अंत या विनाश करते हैं अर्थात जिन्होंने संसार का अंत कर दिया हो ऐसे ये दारुण उपसर्ग आदि सहन करके केवलज्ञान प्राप्ति के अन्तर्मुहूर्त पश्चात ही मोक्ष प्राप्त कर लेते हैं।
Antah therefore; from here, hence; from today, internal, between. into, inside, in the middle, in between, अच्छे-बुरे का भेद करने वाली भीतरी इन्द्रिय या चेतना ।
Antah karan internal organ, the seat of thought, mind, heart, हृदय, मन, चित्त ।
antah prernaa implicit inspiration मन की स्वाभाविक प्रेरणा, सहज प्रेरणा, अन्तःप्रज्ञ।
antah pur harem. रानिवास, महल का वह भाग जो रानियों के निवास के लिए निश्चित हो।
antah purikaa a woman of the harem. अन्तःपुर की महिला।
antah sangn internally conscious. आंतरिक रूप से सचेत।
Antah sthaa to stand, in the way of, stop, to reside in side. भीतर, बीच मे स्थित, मध्यवर्ती, “ य, र, ल, व” ये चारों वर्ण अन्तस्थ कहलाते हैं क्योंकि इनका स्थान स्पर्श और ऊष्म वर्णों के बीच में है।
Antah sthal inner self. हृदय या मन का आंतरिक भाग, अन्तःकरण, मानस।
Antah tatva internal reality आंतरिक स्वरूप।
Antak one who ends. one who kills, मृत्यु जो प्राणियों के जीवन का अंत करती है, समाप्त होने वाला।
Antakar end making, killer, नाश करने वाला, संहार करने वाला।
Antakrut death, yama, यमराज, काल ।
Antar difference in time in occurring the same event again, inner, internal; close, near. n. inner part, interior; heart, mind; distance (in time or space); difference; inner being, soul; interval; separateness; (at end of compd.) another or different, discrimination, interval of time, divergency, interval. सामान्यतः किन्ही दो निकायों अथवा एक ही निकाय में भिन्न परिस्थितियों की तुलना करने का परिणाम होता है।
Antar Aatma inner self, heart, soul, substance, आत्मा, स्व।
Antar karan making intervals in karmic fruition with the help of spirituality. In it, after lapse of sometime and with aforesaid essentials of anivrutti karan ( please see anivrutti karan), the Jiva performs Antar Karana, (Antar karana: Operation of dislodging the due duration of Nishekas due for rise. (Moksha Marg Prakashak 7th chapter samyak sanmukh mithyadrasti) पूर्वपार्जित कर्म यथा काल में उदय में आकर जीव के गुणों का पराभव करने में कारण पड़ते रहते हैं और इस प्रकार जीव उसके प्रभाव से कभी मुक्त नहीं हो पाता परंतु आध्यात्मिक साधनाओं के द्वारा उनमें कदाचित अंतर पड़ना संभव है कुछ काल संबंधी कर्म निषेक अपना स्थान छोड़कर आगे पीछे हो जाते हैं। उस काल से पूर्व कर्मों का उदय रहता है और उस काल के पीछे भी। परंतु उतने काल तक कर्म उदय में नहीं आता। कर्मों के इस प्रकार अंतर उत्पन्न करने को ही अंतर करण कहते हैं ।
Antar Muhurta wherein four essentials take place:</br>(i) moment after moment infinite times by one Antar Muhurta at every moment, this is Sthiti Bandhaapasarana (reduction in duration of bondage),</br>(iii) the fruition of auspicious Prakritis (karmas) goes on increasing by infinite times more at every moment and </br>(iv) the fruition bondage of inauspicious Prakritis goes on decreasing by infinite part at every moment; thus the four essentials take place. एक आवली को ग्रहण करके असंख्यात समयों से एक आवली होती है, इसलिए उस आवली के असंख्यात समय कर लेने चाहिए। यहां मुहूर्त में से एक समय निकाल लेने पर शेष काल के प्रमाण को भिंन्न मुहूर्त कहते हैं। उस भिन्न मुहूर्त में से एक समय और निकाल लेने पर शेष काल का प्रमाण अंतर्मूहूर्त होता है इस प्रकार उत्तरोत्तर एक एक समय कम करते हुए उच्छवास के उत्पन्न होने तक एक एक समय निकालते जाना चाहिए। वह सब एक एक समय कम किया हुआ काल भी अंतर मुहूर्त प्रमाण होता है इसी प्रकार जब तक आवली उत्पन्न नहीं होती तब तक शेष रहे एक उच्छवास में से भी एक एक समय कम करते जाना चाहिए, ऐसा करते हुए जो आवली उत्पन्न होती है उसे भी अंतर्मूहूर्त कहते हैं।
Antar mukh One brings his attitude directed to the eternal innate for of soul substance. आत्म उन्मुख होने वाला, स्वसन्मुख होने वाला।
Antar Nirmagn totally engrossed within. आत्ममग्न, आत्मलीन, स्वलीन।
Antar rahit continuously, बिना रुकावट के, लगातार।
Antar stha inner, surety, witness, mediator. अन्तर्मन में स्थित, मध्य में रहने वाला, हृदय में रहने वाला।
Antar yaamin checking or reading others feelings origination mind. मन की बात को जान लेना, हृदय की बात जानने वाला।
Antaraa without, in the middle, in a way occasionally, at interval, inside, in the neighborhood, in absence. भीतरी, बीच का, आपस में स्थित, गीत की टेक।
Antaraagaar interior of a house, harem. किसी बड़े भवन का भीतरी भाग ।
Antaraal intermediate space, intermediate time, घिरा हुआ स्थान, मण्डल, मध्यवर्ती समय।
Antaraatmaa inner self जीवात्मा, स्वयं।
Antaraay interruption, an obstacle in food of Jaina saints accidentally, obstacle, hinderance, hurdle. बाधा, किसी भी कार्य में विघ्न होना, साधुओं के आहार में विघ्न होना। इसके 32 प्रकार हैं, जिनके कारण साधु-साध्वियों को आहार के मध्यही भोजन त्याग करना पड़ता है।
Antaraay karma prakruti nature of obstructive karma. जिस कर्म के उदय से दान, लाभ, भोग, उपभोग और वीर्य में विघ्न उत्पन्न हो।
Antaragni internal fire stimulating digestion. पेट के अंदर की अग्नि, जठरानल।
Antarang internal, faithful, dependable. घनिष्ट, आंतरिक, आपसी ।
Antarang parigrah internal possessions. Fourteen tyeps: Wrong faith, four toxic passions of anger deceit, ego and greed, 9 quasi passions of laughter haashya, indulgence rati, dissatisfaction arati, sorrow shok, fear bhay, disgust jugupsaa, male female and hermaphroditic dispositions purush, stri and napunshak ved. रागादि रूप अंतरंग परिग्रह 14 प्रकार का होता है – मिथ्यात्त्व, क्रोध, मान, माया, लोभ, हास्य, रति, अरति, शोक, भय, जुगुप्सा, स्त्रीवेद, पुरुषवेद और नपुंसकवेद।
Antarit intervening; covered, put behind the screen; encircled; separated. सुदीर्घ अतीतकालवर्ती पदार्थ ।
Antarmagn self absorbed or engrossed (in); pleased, delighted. स्व में लीन, आत्मतल्लीन।
Antarmuhurta very short time less than 48 minutes and more than aavali, intra indian hour. बहुत कम समय, 48 मिनिट से कम और आवली से अधिक।
Antatah from end, at the end, finally. अंत में, आखिरकार।
Anu according to, after, along, alongside, lengthwise, under, subordinate, in order, afterward, there up on, again, further, then, next, पीछे, बाद में ।
Anubaddha bound to, obliged to, connected with, related to, connected to, belonging to . लगाव रखने वाला, किसी के साथ बंधा हुआ।
Anubandh attachment, uninterrupted succession, sequence, consequence, result, intention, motive, commencement, beginning, to bind, to stick, to adhere, result, fruition. जोड़ी हुई वस्तु, सम्बन्ध, वह पत्र जिसमें किसी अनुबंध की शर्तें लिखी हों।
Anubandhaka connected, allied, related. जुड़ा हुआ, सम्बद्ध, सम्बंधित।
Anubandhan binding, connection, succession, unbroken series. क्रम, सिलसिला, सम्बन्ध।
Anubhaag intensity of karmic fruition, capacity, strength, nature of self, influence, majesty, prabhaav, karma’s capacity to give different intensity of fruition. कर्मो की फलदान शक्ति।
Anubhaag bandh energy bond of karma, With the intensity of passions the bondage of karma gets intensity of fruition with certain strength. This is anubhaag bandh. कर्म बंध में कषायों के निमित्त से तीव्र या मन्द फलदान शक्ति का पड़ना।
Anubhaag bandh adhyavashaay sthaan Karma get bonded with capacity to give certain intensity at the time of fruition. The soul’s inclinations of passions occur as instrumental cause in this bondage activity. The soul’s passion inclinations are known as anubhaag bandh adhyavashaay sthaan आत्मा की वासना प्रवृत्ति को अनुभाग बंध अध्यवसाय स्थान कहते हैं।
Anubhaag ghaat energy destruction of karma. अन्तर्मुहूर्त तक जो अप्रशस्त कर्मों के अनुभाग का प्रतिसमय अनंतगुणा क्षीण होना।
Anubhaag kaandak Energy splitting of karma. कर्मों के अनुभाग के उपरिम अंश, खंड या पारों को खरोचकर नष्ट कर देने को अनुभाग खंडन या अनुभव काण्डक घात कहते हैं। अनुभग कांडक घात के द्वारा कर्मों का अनुभाग सत्व कम हो जाता है।
Anubhaag krusti reduction of intensity of karma in fruition कर्मों के अनुभाग को घटाकर सूक्ष्म कर देना ।
Anubhaag rachanaa creation of fruitional intensity of karma, कर्मों में जो फलदान शक्ति है उसकी जितनी स्थिति है उसमें आबाधाकाल छोड़कर सर्व कर्म वर्गणाओं का बंट जाना, कर्म की फलदायी शक्ति का निर्माण।
Anubhaag satva state of energy bond in soul. अनेक समयों में बंधी जो प्रकृतियां हैं उनका जो अनुभाग अस्तित्व रूप है उसका नाम अनुभाग सत्व है।
Anubhaag sthaan state of energy, fruitful results of karma, degree of potency of fruition of karma bonded with the soul is known as abhubhaag sthaan. कर्मों में फलदान शक्ति के अंशों का स्थान।
Anubhaag swaami sannikarsha power of energy in sense object contact कर्मों की फलदान शक्ति से इंद्रिय संपर्क का अधिकार होना।
Anubhaag uday a type of karmic fruition, कर्म उदय का भेद।
Anubhaav consequence, dignity; external manifestation, or expression of a sentiment, prabhaav, Fruition of material karma, Anu means anusarine, one follows, and bhav means bhavan, parinaman, one who follows and then modifies self is anubhav. प्रभाव, महिमा, बड़ाई, अनुभव करने योग्य।
Anubhaavya inclination of attachments etc modes. जिसका अनुभव किया जा सकता हो या किया जाने को हो, जो अनुभव के योग्य हो, जो किसी विशेषरूप से पाया जाये(गुण या लक्षण)।
Anubhav asatya which is neither true no false. जो न सत्य है असत्य।
Anubhavaatit transcendental अनुभव से उत्पन्न, अनुभव से ज्ञात।
Anubhavshili One pursues the message of Omniscient Lord and then he is giving discourses. Sarvagn ne anusari ne nikleli vaani. जो सर्वज्ञ भगवान की वाणी का अनुशरण करता हो, प्रत्यक्षज्ञान और व्यवहार में प्रवृत्त।
Anubhay manoyog neutral mind. Ubhay manoyog means true and untrue mind activity चित्त या स्वभाव की स्थिरता ( जो सत्य हो न असत्य हो)।
Anubhay swabhaav equanimity, evenness of mind चित्त या स्वभाव की स्थिरता, समभाव, चित्त की समता।
Anubhay vachan yog vibration of soul’s space points with neutral ( neither true nor false) speech. जो वचनयोग न तो सत्य रूप हो और न मृषा रूप ही हो, उसे असत्यमृषा वचनयोग कहते हैं।
Anubhuti realization, perception, experience, self realization, बोध, अनुभव, आत्मदर्शन।
Anudish dev see vaimaanik dev for details. sub directional heavens. 9 अनुदिश विमानों में जन्म लेने वाले देव।
Anudish heavens 9 sub directional heavens. see vaimaanik dev for details. जो प्रत्येक आठ दिशाओं में पाये जायें, वे अनुदिश हैं। क्योंकि अनुदिश विमान एक मध्य में है तथा दिशा व विदिशाओं में आठ हैं। 1.आदित्य 2.अर्चि 3. अर्चिमालिनी 4. वज्र 5. वैरोचन 6. सौम्य 7. सौम्यरूपक 8. अंक 9. स्फुटिक।
Anudisht aahaar food not prepared especially for monk. साधु के लिए उद्देश्य पूर्वक नहीं बनाया गया भोजन।
Anudveg non disgust मन की वह अवस्था जिसमें वह क्षोभ, दुःख आदि से रहित हो जाता है, उद्वेग का अभाव ।
Anugnaa permission, leave, (to depart); consent; order. अनुमति, स्वीकृति, आज्ञा।
Anugrah krupa. Nigrah means punishment, favor, grace; obligation; kindness, mercy. कृपा, रियायत के तौर पर, दया ।
Anujivi gun in the modes of some attributes there is always some purity is known as anujivi gun. There is purity as well as impurity present in the mode of these attributes. e.g. knowledge, perception, bliss, happiness attributes. Purity is not a reason for any karma bondage. Only impurity present will be the reason for bondage. (MMP page 26 Hindi). This present impurity is not only the reason for bondage but also not for liberation. The spread of these attributes vikaas of these attributes also is not the reason for liberation. Gyaan ka visisht vikaash moksha ka karan nahi hai. Similarly less knowledge is not the reason for bondage or liberation. Modes of Knowledge, perception, and bliss gives the identity of the living being. They show the presence of living being. Attributes having kshayopshamic bhaav is known as anujivi gun. Even though there is presence of some purity, it is not getting samyak symbol. It is known as garbhit suddhataa. The affirmative attributes, which constitute the inherent nature of the substance, are called ‘affirmative attributes’. For example,Consciousness (Chetna), faith (Shradhadha), right conduct (Charitra), happiness (Shukh), vitality (Virya), capability of obtaining salvation (Bhavyatva), non capacity of obtaining salvation (Abhavyatva), soul hood (Jjivatva), special interactive capacity (Vaibhavik shakti), act of doing (Kartutva), and the act of enjoying (Bhoktrutva), are infinite attributes present in the soul, called the soul’s affirmative attributes; and touch, taste, smell, and color, in the matter constitute affirmative attributes. Knowledge obscuring, perception obscuring, deluding and obstructive karma are the instrumentalcause in destroying the modes of the affirmative attributes anujivi gun of the soul. Bhaaav swarup gun ko anujivi gun kahate hai. The positive attributes are known as anujivi guna; e.g. soul’s positive attributes like consciousness, knowledge, perception, conduct, happiness and matter’s positive attributes are like touch taste, smell etc. Jain Siddhant Prashnottarmala Q. no. 199, 200. see also pratijivi gun. भावस्वरूप गुणों को अनुजीवीगुण कहते हैं। जैसे- सम्यक्त्व, चारित्र, सुख, चेतना, स्पर्श, रस, गंध, वर्ण आदिक।
Anukampaa kindness to all living creatures सभी जीवों पर दया।
Anukram serial order, sequence; method; arrangement; due order; rule; regulation; custom; practice. क्रम से, क्रमबद्धता, सिलसिला।
Anukramanikaa table of content. विषय सूची, तालिका ।
Anukul favorable, well inclined; suitable; well adapted, fit; agreeable; beneficial; convenient; propitious, conducive, helpful. सुविधजनक, अनुकूल, सहायक,उपयुक्त।
Anulom natural or regular order, nature of general essence is made primary and the specific thing is made secondary. With this, when one is showing a thing in the perspectives of existence and non existence nature then it is called Anulom. सामान्य की मुख्यता तथा विशेष की गौणता करने से जो अस्तिनास्ति रूप वस्तु प्रतिपादित होती है उसको अनुलोम क्रम कहते हैं।
Anumaan inference, anticipation, syllogism, instrument of inference, inferential knowledge is knowledge that results through the instrumentation of some other knowledge. When a sign is present and then to determine that certain thing with that kind of sign has to be present. This determination is known as inference anumaan. It is the efficient instrument of inferential cognition. Nyaay claims there are five members of a syllogism: Thesis (pratignaa), reason (hetu), exemplification (udaaharan), subsumptive correlation (upnaya) and conclusion (nigaman). There are five conditions to be fulfilled in a valid inference. 1: The reason must be present in the minor term (paksha) 2: The reason must be found wherever the major term (Saadhya) is found, 3: The reason must not be found wherever the major term is not found 4: The reason must not be related to something absurd, 5: The reason must not be contradicted by an equally strong middle term (hetu). Ref: A concise dictionary of Indian philosophy by John Grimes. यह परोक्ष प्रमाण का एक भेद है जो जैन व जैनेतर सर्वदर्शनकारों को समान रूप से मान्य है। यह दो प्रकार का होता है स्वार्थ व पदार्थ। लिंग पर से लिंगों का ज्ञान हो जाना स्वार्थ अनुमान है, जैसे धुएं को देखकर अग्नि का ज्ञान स्वतः हो जाता है और हेतु तर्क आदि द्वारा पदार्थ का जो ज्ञान होता है वह परार्थानुमान है। इसमें 5 अवयव होते हैं पक्ष, हेतु, उदाहरण, उपनय, निगमन। इनका उचित रीति से प्रयोग करना न्याय माना गया है।
Anumaan gochar the thing known by inference., unniyamaan. जो अनुमान से जाना जाए।
Anumahaan atomic matter particle having only one space point of area but has capacity to join with many atomic particles is known as anumahaan परमाणु पदार्थ कण जिसका क्षेत्रफल का केवल एक स्थान बिन्दु होता है, लेकिन कई परमाणु कणों के साथ जुड़ने की क्षमता रखता है, अणुमहान के रूप में जाना जाता है।
Anumeya object of inference, inferable, deducible अनुमान के योग्य, जिसे अनुमान से जान सके।
Anumiti inference, अनुमान।
Anumodan supporting, applauding, consent; approval; confirmation; support. समर्थन, पुष्टि, सराहना।
Anup incomparable, excellent, best, matchless अनुपम, जिसकी उपमा न दी जा सके, उत्कृष्ट, श्रेष्ठ।
Anupaatt unacceptable elements by soul e.g. light, discourses etc., non obtained, non acquired, soul has not acquired light, discourses etc. alien objects. जिसकी उत्तपत्ति न हुई हो।
Anupalambh non perception. An means no and uplambh means knowledge. Anupam incomparable, excellent, best, matchless, unequalled, best, Anupapatti श्रेष्ठ, अतुलनीय, उत्कृष्ट।
Anupapatti absence of logic. non accomplishment, failure of proof, inconclusive argument, irrelevancy, inapplicability, adversity, insufficient means. तक का अभाव, असिद्धि, सफलता न होना, अनिर्णीत युक्ति।
Anupcharit non factitious stand point, literal stand point, real, upadhi ya upcharit ka abhav. This corresponds to inseparable accident of the scholastic logic. for example: This is my body. Body is identified with self according to this particular partial point of view. To make divisions in pure attribute and the substance is literal stand point of view anupcharit. To have close relationship with two elements is expressed as literal point of view. e.g. body and soul occupies same space points so it is literal impure synthetic point of view anupacharit asadbhut. To have knowledge mode and soul having identical inherent relationship and therefore is literal pure synthetic point of view. anupcharit sadbhut vyavahaar naya. जो नय उपाधि या उपचार रहित कथन करे।
Anupcharit asad bhut naya informal non existent purport meaning, stand point expressing the unity of different substances eg. unity of body and soul संश्लेष सहित वस्तुओं के संबंध को विषय करने वाला अनुपचरित असद्भुत व्यवहार नय है। जैसे – ‘ जीव का शरीर है’ ऐसा कहना।
Anupcharit sad bhut naya informal existent purport meaning, stand point expressing the differentiation between virtues and virtuous one, suddha guna and guni me bhed ka kathan karna . शुद्ध गुण और शुद्ध गुणी में, शुद्ध पर्याय और शुद्ध पर्यायी में भेद करनेवाला शुद्ध सद्भूत या अनुपचरित सद्भूत नय है।
Anuplabdhi non cognition, absence of an object is known due to its non cognition, it is a specific cause of an immediate knowledge of non existence, something related to non availability, saadhya ko siddh karne ke liye jis hetu ki praapti saadhya mein na mile, inapplicability; irrelevance; inconclusive reasoning; absence of argument or conclusion; failure, non perception, incomprehension; non acquisition., avidyamaan, not existing; dead; absent. उपलब्धि नहीं होना, किसी चीज की अनुपस्थिति का अनुभव करना अनुपलब्धि है, अप्राप्ति, न मिलना, कल्पना या ज्ञान का अभाव।
Anuplabdhi hetu negative middle hypothesis, negative middle premise, relation of negation, something related to nonavailability. Contrast word is uplabhdi hetu means cause of valid cognition, established hypothesis. साध्य के सिद्ध करने के लिए हेतु की प्राप्ति साध्य में न मिले।
Anuplabdhi pramaan absence of perception, uplabdhi no abhaav, pramaan no abhaav, In anuplabhi pramaan there is absence of knowledge which as such occurs with five pramaans. Panch pramaan dwaaraa thataa gnaan no abhaav. For example, There is no book on this table. How is this knowledge occurring? It is not a direct perception pratyaksha pramaan. In this example, absence of book’s knowledge occurs due to absence of any perception regarding the book. This is not a direct knowledge pratyaksha pramaan. One can know the things with senses but absence of thing can not be perceive with any senses. Therefore the knowledge of absence of book occurs due to anuplabdhi pramaan. This is the way Kumaril Bhatt philosophy believes. This is also not an inferential knowledge because absence and non perception both do not have inherent relationship. Anuplabdhi pramaan is also not sabd pramaan or upmaan pramaan because its knowledge is not related to the sentence spoken from an authoritative person aapta vaakya, or by resemblance saadrashy. Therefore anuplabdhi pramaan is considered as stand alone pramaan. This is the belief of Kumaril bhatt philosophy. किसी चीज की अनुपस्थिति का अनुभव करना अनुपलब्धि कहलाता है। ये छः प्रमाणों में एक या ज्ञान प्राप्त करने के छः तरीकों में एक माना जाता है।
Anuppatti inapplicability; irrelevance; inconclusive reasoning; absence of argument or conclusion; failure उत्पत्ति का अभाव, असमाधान, असंगति, असिद्धि, अप्राप्ति, असम्पन्नता, असमर्थता।
Anupreksha contemplation, bhaavanaa, reflection, deep thinking, deep study. Anupcharit=Literal, factual, un fictitious किसी बात को पुनः पुनः चिंतवन करते रहना अनुप्रेक्षा है। मोक्षमार्ग में वैराग्य की वृद्धि के अर्थ बारह प्रकार की अनुप्रेक्षाओं का कथन जैनागम में प्रसिद्ध है।
Anuprexaa meditative state, contemplation, reflection, contemplating the knowledge acquired is reflection. As such there is no difference between anuprexaa and dhyaan except for their fruition. In anuprexaa contemplation one contemplates on 12 bhaavnaas contemplations and with that one obtains indifferent type of attitude towards them. Those bhaavanaas are unitariness, transitoriness, separateness etc 12 types. In dhyaan, one takes his mind away from different objects and concentrates on one object only Chitt ne anek vishay mathi hataavine ek vishay ma sthir kari shakay chhe ( moksha shastra gujarati adhyay 9 page no. 590 591), In anuprexa one contemplates with many thoughts on one subject only. One keeps on thinking on one subject only but thoughts keeps on changing. For example, one is having contemplation on transitoriness state. Here thoughts keep on changing but the subject of transitoriness does not change.</br>There are twelve contemplations: They are: 1: Transitory contemplation anitya anuprexaa: every thing is transient in nature 2: Helplessness contemplation asharan anuprexaa: The feeling that soul is unprotected from fruition of karma. e.g. death etc. 3: Transmigration contemplation sansaar anuprexaa: soul moves in the cycle of existences and cannot attain true happiness till it cuts of transmigration 4: Loneliness contemplation ekatva anuprexaa: I am alone the doer of my actions and the endurer of its fruition. 5: separateness contemplation anyatva anuprexaa: The world, my relations and friends, my body and mind all are distinct and separate from my real self. 6: Impurity contemplation ashuchi anuprexaa: The body is impure and dirty. 7: Inflow contemplation aasrav anuprexaa: The inflow of karma is the cause of my mundane existence and it is the product of my toxic emotions 8: Stoppage contemplation samvar anuprexaa: the inflow of the karma must be stopped. 9: Shedding contemplation samvar anuprexaa: karmic matters must be shed from or shaken out of soul. 10: Universe contemplation lok anuprexaa: nature of the universe and its constituent elements in all their vast variety proving the significance and miserable nothingness of man in the time and space. 11: rarity of religious knowledge bodhi durlabh anuprexaa: rarity of religious knowledge. It is difficult to attain right belief knowledge and conduct. 12: Reflection on the nature of the religious path as preached by Omniscient Lords contemplation dharma anuprexaa: One contemplates on the true nature of the three fold path of liberation. बारह प्रकार से कहे गये तत्त्व का पुनः पुनः चिंतन करना अनुप्रेक्षा है 1. अनित्य- धन स्त्री आदि सो सब अनित्य है। 2. अशरण – अशरण का अर्थ है कहीं शरण नहीं है।3.संसार- हर विधि हर तरीके से संसार असार है। 4. एकत्व- सुख और दुख यह जीव अकेला ही सहन करता है।5. अन्यत्व - संसार की सभी वस्तुएं मुझसे अन्य हैं।6. अशुचि- यह शरीर सर्वथा अपवित्र है, उससे राग हटाना।7.आस्रव- जीव के विकारी भावों को आस्रव कहते हैं आस्रव से कर्म आते है।8.संवर- वीतराग परिणाम से कर्मों का आना रुक जाना संवर है संवर को प्राप्त करके आकुलता रहित सुख का साक्षात्कार करेंगे, ऐसी भावना।9. निर्जरा- आत्मलीनता से कर्मों का खिरना।10.लोक भावना -इन तीनों लोकों में यह जीव समताभाव के अभाव में दुःखों को सहन करता है।11. बोधिदुर्लभ-जिससे सम्यग्ज्ञान की उत्पत्ति हो, उस उपाय का चिंतवन।12.धर्म- सर्वज्ञ प्रभु द्वारा प्रकाशित धर्म का चिंतन करना । इन बारह भावनाओं का चिंतन करना अनुप्रेक्षा है। અનુપ્રેક્ષા માં એક જ વિષય ઉપર ના અનેક વચિારો છે. આમાં નશિ્ચતિ કરેલા એક વિષય ઉપર જ વચિારવામાં આવે છે. એમાં વિષય બદલાતો નથી. માત્ર વિકલ્પ બદલાતા રહે છે. દા.ત. અનતિ્ય અનુપ્રેક્ષા કરતી વખતે પદાર્થ ના અનતિ્ય સ્વભાવ વિષે જ વચિારો કરવામાં આવે છે. વચિારો બદલાય છે, પણ પદાર્થના અનતિ્ય સ્વભાવ નો વિષય બદલાતો નથી. ચિંતન = અનેક વિષય, અનેક વિકલ્પ અનુપ્રેક્ષા = એક વિષય અનેક વિકલ્પ ભાવના એક વિષય એક જ પ્રકારના વિકલ્પ નું પુનરાવર્તન </br>જ્ઞાન = એક વિષય એક વિકલ્પ પુનરાવર્તન નો અભાવ સ્થૂળ વચિાર નો અભાવ, સૂક્ષ્મ વચિાર ની ઉપસ્થતિિ વિકલ્પો થી છુટા રહેવાનો અભ્યાસ ઉપયોગ ની ધ્યેય તરફ સન્મુખતા
Anuraag attachment; affection, love; devotion; addiction, लगाव, समर्पण, वात्सल्य।
Anuraagi who is attached or devoted; who has affection, love or liking for; passionate. प्रेमी, जिसे स्नेह हो।
Anuranjan giving delight or pleasure, pleasing. प्रसन्नता, संतुष्टि, अनुराग, प्रीती ।
Anuranjit enamored off, infatuated with, smitten with, in love with, captivated by, enchanted by, conciliated, delighted, appease, pacify, mollify, reconcile
Anusaari ruddhi a type of supernatural power of perception. जो बुद्धि आदि मध्य अथवा अंत में गुरु के उपदेश से एक बीजपद को ग्रहण करके उपरिम (अर्थात उससे आगे के ) ग्रंथ को ग्रहण करती हैबव्ह अनिसारिणी बुध्दि ऋद्धि है।
Anusamayaapavartanaa simultaneous destruction of infinite sections related to karma. उत्कीरण काल के बिना, एक समय द्वारा जो घात होता है वह अनुसमयापवर्तना है। अथवा अनुसमयापवर्तना में नियम से अनन्त बहुभाग नष्ट होता है। अर्थात एक समय में ही अनंतों कांडकों का युगपत् घात करना अनुसमयापवर्तना है।
Anusanchit addhaa accumulated period, Sanchit Kiyaa Gayaa Samay. संचित किया गया समय।
Anusaran act of following; imitating; imitation, pursuing, going after, following after, seeking after, conformity to, accordance with, consequence of. पीछे चलना, अनुकरण, किसी के आदेश या आज्ञा के अनुसार चलना।
Anushaasak one who governs instructs directs or punishes. अनुशासन में रखने वाला, प्रशासक , शिक्षक।
Anushaasan teaching, instruction; rule, precept, law; laying down rules or precepts; execution; governance; treatment, exposition, principle, discipline. नियंत्रण, नियमबद्ध आचरण, नीति नियमों का पालन करना।
Anushaasaniya to be instructed अनुशासन करने योग्य, जिसके प्रति अनुशासन किया जाने को हो।
Anushaasin punishing.
Anushaasit directed, defined by rule. जिसका अनुशासन किया गया हो, दण्डित ।
Anushaasya to be instructed. अनुशासन करने योग्य, जिसके प्रति अनुशासन किया जाने को हो।
Anushilan deep thinking or study बार-बार किया जाने वाला अध्ययन, किसी ग्रंथ तथ्य विषय के सब अंगों तथा उपांगों पर बहुत ही सूक्ष्म दृष्टि से विचार करना और उनसे परिचित होना।
Anushisht to give discourses according to scriptures. आगम के अनुरूप उपदेश देना।
Anushochan continuous thinking. लगातार सोचना।
Anushreni sequence. लोक के मध्य से लेकर ऊपर-नीचे और तिरछे क्रम से स्थित आकाश प्रदेशों की पंक्ति को श्रेणी कहते हैं अनु शब्द आनुपूर्वी अर्थ में समसित है।इसलिए अनुश्रेणी का अर्थ श्रेणी की आनुपूर्वी से होता है।इसप्रकार की गति जीव और पुद्गलों की होती है।
Anusmaran reflections memories. भूली हुई बातों को फिर से याद करना, बार-बार स्मरण।
Anusmruti rethinking of sensual pleasures. वह स्मृति जो अपेक्षाकृत अधिक प्रिय हो, संजोई हुई स्मृति, प्रिय स्मृति।
Anusnaan engrossed in auspicious activities. विशेष पूजादि क्रियाओं में जो मंत्र स्नानादि किया जाता है, अमृतस्नान।
Anusthaan ritual activity, ritual performance, doing, performance; religious ceremony; commencement of an undertaking; previous preparation, ritual activity, ritual performance. previous preparation. अर्हंतों में गुणानुराग रूप भक्ति करना (पूजा-विधान)।
Anusyuti anvay purvak jodaan, oneness in many, पिरोया हुआ, ग्रथित।
Anutkrusht see apkarshan. उत्कृष्ट और जघन्य के बीच की संख्या।
Anutpatti non production, not yet produced, preparation for future state, unproduced, unborn. जो उत्पन्न न हुआ हो।
Anuttar dev see details in vaimaanik dev. five excellent heavens. पाँच अनुत्तर विमानों विजय, वैजयन्त, जयंत, अपराजित, सर्वार्थसिद्धि में रहने वाले देव।
Anutthaan non interruption. उत्थान का अभाव।
Anuvaad translation, interpretation. भाषान्तर, किसी एक भाषा शब्दों/वाक्यों को समान दूसरी भाषा मे परिवर्तन।
Anuvaad vaakya translated sentence, अनुवादित वाक्य, अनूदित।
Anuvartan obliging, serving or gratifying another, compliance, obedience, following, attending, concurring, consequence, result, continuance, supplying from previous rule, अनुसरण, अनुगमन, आज्ञा पालन।
Anuvartaniya to be followed, to be supplied from a previous rule, अनुसरण करने योग्य।
Anuvartin following, attending, a path previously walked by another, अनुसरण करने वाला, आज्ञाकारी, किसी का सिद्धांत मानने और उसके अनुसार चलने वाला व्यक्ति।
Anuvichi Bhaashan speaking in accordance with sacred spiritual injunction. पूर्वाचार्यों की परंपरा का अनुसरण करते हुए आगम के अनुसार बोलना।
Anuvichi yaachanaa polite request. विनय पूर्वक प्रार्थना करना।
Anuvidhaa to lay down a rule, regulate, to obey, to be trained to follow rules अनुकरण करना, नकल करना।
Anuvidhaan obedience, acting in conformity. आज्ञा, आदेश, विधान के अनुरूप काम करने की क्रिया या भाव, आज्ञाकारिता।
Anuvidhaayak obedient, Anusarnaar, आज्ञापालन, आदेशानुसार।
Anuvidhaayi obedient, anusarto, विनीत, आज्ञापालन, आदेशानुसारी ।
Anuvidhaayin obedient, submissive, आज्ञाकारी।
Anuvrat lesser vows, हिंसादि पांच पापों का स्थूल रूप से या एकदेश त्याग करना।
Anuvrata partial vows, partial renunciation. हिंसादि पांच पापों का स्थूल रूप से या एकदेश त्याग करना।
Anuvruddhi sub sequent increase. जोड़ा जाना, मिलाया जाना।
Anuvrutt to follow, pursue, to follow from previous rule, be supplied from a previous sentence, to attend, to obey, respect, imitate, to resemble, to expect, walking after, following, continuity, persistence, जिसका अनुकरण या अनुसरण किया गया हो, आज्ञापालन करने वाला।
Anuvrutt pratyay continuity of knowledge, This is the cow and that is also a cow.This type of knowledge of similar substances sadrashya is the continuity of knowledge is known as anuvrutt pratyay. समानता का भाव, सादृश्य ज्ञान की निरंतरता।
Anuvrutti conformity, likeness,repeating the same, following, obeying, act of continuance, complying with, following, acting, suitably to, imitating, किसी पद के पहले अंश से कुछ वाक्य उसके पिछले अंश में अर्थ को स्पष्ट करने के लिए लाना, किसी एक सूत्र में कही गयी बात आगे आने वाले एक या अधिक सूत्रों पर भी लागू हो सकती है।
Anuvrutti pratyay notion of sameness or similarity.
Anuyog Anuyog expositions. Branches of scriptures. There are four types: 1.Prathamaanuyog expositions related to mythology, for teaching some one about philosophy samzaane ke liye 2.Charanaanuyog expositions related to ethics,apne ko chalne ke liye, for one to walk on the pathway to spirituality 3.Karanaanuyog expositions related to etiology and cosmology, apne ko samazne ke liye to understand one’s self. 4.Dravyaanuyog expositions related to metaphysics, apne tak pahuchne ke liye for achieving the self. जैन आगम चार भागों में विभक्त है, जिन्हें चार अनुयोग कहते हैं – प्रथमानुयोग, करणानुयोग, चरणानुयोग और द्रव्यानुयोग इन चारों में क्रम से कथाएं व पुराण, कर्म सिद्धांत व लोक विभाग, जीव का आचार-विचार और चेतना चेतन द्रव्यों का स्वरूप व तत्वों का निर्देश है।
Anvarth having quality according to the name. अनुगमन, पारस्परिक सम्बंध।
Anvay Datti to hand over all assets to successors. at 9th pratimaa, Shraavak gives away all his possessions to his son or someone else. He is anvay datti. जब गृहस्थ 9 वीं प्रतिमा धारण करता है तब अपना समसित परिग्रह पुत्र या अन्य को दे देता है।
Anvay drashtaantaabhaas illustrative apprehensive of goal. in presence of means one is unable to see goal, fallacy of anvay drashtaant. जो दृष्टान्त न होकर दृष्टांतवत प्रतीत होवे वे दृष्टांताभास है, अन्वयदृष्टांतभास तीन प्रकार का है – साध्यविकल, साधनविकल और उभयविकल ।
Anvay drastaant example from affirmative perspective, affirmative illustration, it is called anvil drastaant when in presence of means, resources saadhan one understands presence of goal, thing to be achieved saadhya. जहाँ हेतु की मौजूदगी से साध्य की मौजूदगी बतलायी जाये उसे अन्वय दृष्टान्त कहते हैं।
Anvay dravya mutually related substance. द्रव्य जो एक दूसरे से सम्बंधित हो।
Anvay dravyaarthik naya stand point related with substantive connection. सभी गुण पर्यायों में जो द्रव्य को अन्वय रूप लगातार ग्रहण करता है वह नय।
Anvay kaa visheshan different things present in anvay. Attributes of the substance. the attributes remain in all the area of the substance and in any situation is known as attribute. Unchanging attributes remain present forever in the substance and therefore it is known as anvya kaa visheshan. अन्वय के विशेषण गुण हैं, जैसे “यह चेतन” इसप्रकार का अन्वय द्रव्य है, अन्वय के आश्रित रहने वाला “चैतन्य” विशेषण गुण है।(प्रवचनसार गाथा 80)
Anvay kaa vyatirek Absence of a reason and there is absence of activity is known as vyatirek. Kaaran ke abhaav me kaarya kaa abhaav ko vyatirek kahte hai. (pariksha mukh page 36). Anyvay means substance and attriutes then vyatirek means modes. Anvay is unity then vyatirek is differences.(panchaastikaay gaathaa 5) Vyatirek means differences from time perspective. It has only stay for one samay. modes are known as anvay kaa vyatirek. Anvay kaa vyatirek means modes of the anvay, modes of the substance. Vyatirek keeps on changing with each samay. Each mode is independent and will not be seen again as it is independent in nature. (pravachansar stanza 80) अन्वय के व्यतिरेक पर्यायें हैं, एक समयमात्र की मर्यादा वाला काल परिमाण होने से परस्पर अप्रवृत्त अन्वय के व्यतिरेक वे पर्यायें हैं।
Anvay paddhati method of agreement. समझौते की विधि।
Anvay Shakti attribute, gun, attributes of a substance. पदार्थ के गुण।
Anvay vyaapti mutual existence, presence, in presence of means to show presence of goal. Saadhan ki mojudagi mein saadhya ki mojudagi bataanaa. किसी एक पदार्थ कर होने पर दूसरे पदार्थ का होना।
Anvay vyatirek kaa abhaav For example, the thing (e.g. mosquito) is not there still one ends up knowing about it and the substance (e.g. hair on top of the head) is there but one does not know about it. (pariksha much P. 36) किसी एक पदार्थ के होने पर दूसरे पदार्थ के होने और उसके न होने पर दूसरे के भी न होने को व्याप्ति कहते हैं, अन्वय और व्याप्ति जिसमें निमित्त हैं, ऐसे व्याप्ति ज्ञान को तर्क कहते है, अन्वय व्यतिरेक के अभाव से तर्क का भी अभाव होगा।
Anvay vyatireki affirmation cum negation, illustration of connection and negation, positive and negative assertion; agreement and contrariety. जिस हेतु या साधन में अन्वय-व्यतिरेकी दोनों दृष्टान्त हों।
Anvayaabhaav non existence of coherence, saahachary sambandh kaa abhaav. Anvay attributes, ekrooptaa, saadrastaa, oneness, identical, sadrash bhaav, when vyatirek is attributes and modes then anvay is substance. “An” means stable and “vay" means modification, stable with modification is anvay, eternal substance, association, connection; the proper order or connection of words in a sentence; logical connection, of cause and effect; race, family, lineage; purport, sat, Thing which remains eternal and with full capacity, kaayam rahenaru saamarthya vaalu tatva. In a poetry words are not in order. to make these words in order in prose is known as anvay. According to Panchaadhyaayi (stanza 142): anvil meaning is as follow: “anu” means without any hinderance constant flow. “aya” means movement. the one which keeps on flowing without any hinderance is anvay. Attribute forever stays with substance and therefore anvay. Activity occurs because of having presence of a reason is also known as anvyay. Kaaran hone par kaarya ka honaa usko anvay kahate hai (pariksha mukh page 36), (panchaastikaay gaathaa 5) The one which remains unchanged in any situation is known as anvay. Here it means substance.(pravachansar stanza 80) logical connection with lineage. Flow. Association, connection; the proper order or connection of words in a sentence; logical connection, of cause and effect; race, family, lineage; purport. Constant flow,following, succession, connection, association, being linked to or connected with, natural order of connection of words in to a sentence, syntax, construing, logical connection of words, logical connection of cause and effect, साहचर्य सम्बन्ध का अभाव।
Anvayaarth meaning of verse in prose. अन्वय से निकलने वाला अर्थ।
Anvaye according to, in accordance with; by virtue of. Anvayi concomitant, continuant, connected, related; racial, Anvay means flow. In any given attribute there is constant flow of modifications occurring forever. In each of this mode, the attribute remains constant and therefore anvayi. (Ref: panchaadhyaayi gatha 137-163) जो सर्व अवस्थाओं में साथ रहे ऐसा गुण।
Anvayi vishesho attributes. Vyatirek vishesho means modes.(pravachansar stanza 80) गुण।
Anvayinik dowry. विवाह में लड़की एवं जमाता को दिया जाने वाला दहेज।
Anvayvyatirek eternal substance with its attributes and modes, positive and negative assertion; agreement and contrariety, सहमति और असहमति, संगति और असंगति, नियम और अपवाद।
Anveshan pursuance, search, investigation, audit. खोज, ढूढना, अनुसंधान, तथ्यों की निरंतर छानवीन।
Anvikshaa inference according to scriptures and practical experience, pratyaksh aur aagam ke aashrit anumaan ko anvikshaa kahate hai.examining, inquiry, mediation, खोज, तलाश, ध्यान देकर देखना।
Anvya panu attributes of a substance. पदार्थ के गुण।
Anya another; different; belonging to another दूसरा, भिन्न।
Anya dravya swabhaavi auspicious and inauspicious action and inclination are having nature of matter. They are not helpful for soul to obtain liberation.Therefore they are Anya dravya swabhaavi. They therefore can not be the reason for obtaining liberation. परमार्थ मोक्ष हेतु से अन्य, जो व्रत, तप इत्यादि शुभकर्म स्वरूप मोक्षहेतु उस समस्त ही का निषेध किया है; क्योंकि वह अन्य द्रव्य के स्वभाव वाला अर्थात पुद्गल स्वभावी है।
Anya vaadi person giving altered testimony. झूठी गवाही देनेवाला, प्रतिवादी।
Anyapoha mutual non existence. e.g. to have absence of one substance’s mode in another mode of the same substance. एक द्रव्य की एक पर्याय का उसकी दूसरी पर्याय में आभव है।
anyathaa otherwise, in a different manner, inaccurately, untruly, in contrary case, अन्य प्रकार से नहीं तो, कथित से भिन्न, विपरीत।
Anyathaanupapatti avinaabhaav. किसी पदार्थ के अभाव में किसी अन्य पदार्थ की उपपत्ति या अस्तित्व की संभावना।
Anyathaaunpapannatva avinaabhaav, inherent relationship.
Anyatva separateness, being different, non identity, differentiation जीवात्मा को शरीर से भिन्न समझना।
Anyonya mutual relativity. परस्पर, एक दूसरे पर निर्भरता।
Anyonya abhaav mutual non existence, reciprocal non existence. पुद्गल की एक वर्तमान पर्याय में दूसरे पुद्गल की वर्तमान पर्याय का अभाव ।
Anyonya vrutti dependent on each others, to exists due to each others. वस्तु का एक एक दूसरे पर पारस्परिक प्रभाव।
Ap wrong, evil, उलटा, विरुद्ध, बुरा, हीन।
Apa desh dravya shrut, material scriptural knowledge, mention, mentioning the name of; pretext, pretense; statement of reason or cause., a sentence जिसके द्वारा अर्थ निर्देशित किए जाएं।
Apa dhyana evil thinking अनर्थदण्ड का एक भेद- दूसरों की जय, पराजय, मारना, बांधना, अपहरण आदि कैसे किया जाये इसप्रकार चिन्तवन करना।
Apa varga emancipation, salvation. – मोक्ष, मुक्ति।
Apaadaan kaarak ablative case, षटकारकों में पंचमविभक्ति कारक, जब संज्ञा या सर्वनाम के किसी रूप से किन्हीं दो वस्तुओं के अलग होने का बोध होता है, तब वहां अपादान कारक होता है।
Apaan breath of inhalation. पांच प्राण वायु में से एक, मलमार्ग से निकलने वाली वायु।
Apaarthak want of syntactical construction, incoherent, जहां अनेक पद या वाक्यों का पूर्वापर क्रम से एक दूसरे से मेल न खाता हो अर्थात असम्बन्धित अर्थ वाला हो।
Apaarthik purposeless, निष्प्रयोजन।
Apaavan vitiated, impaired, अपवित्र, अशुद्ध, मलिन।
Apaay misfortune, calamity, to disintegrate, नाश- स्वर्ग व मोक्ष की क्रियाओं का विनाश करने वाली प्रवृत्ति।
Apad Inclination of attachment etc are non protection arakshan, non guarding to the soul. They are non characteristic alakshan of the soul. They do not belong asthaan in soul. (definition as given in Adhyatma tarangini), It is asharan and asthaan no adobe, wrong place or time, non self entity. जिसके पद या पैर न हों, जो किसी पद पर न हो। અપદ અશરણ અસ્થાન.
Apadbhut dravay bhaav soul’s inclination of attachment and aversion and also fruition of material karma, dravya karma and bhaav karma. - भगवान आत्मा में बहुत से द्रव्य-भावों के बीच जो अतत्स्वभाव से अनुभव में आते हुए, अनियत अवस्थावाले, अनेक, क्षणिक, व्यभिचारी भाव हैं, वे सभी स्वयं अस्थाई होने के कारण स्थाता का स्थान अर्थात रहनेवाले का स्थान नहीं हो सकने योग्य होने से अपद्भुत हैं।
Apaharan act of carrying off or lifting; abduction. kidnapping. छीन लेना, चुरा ले जाना।
Apakaar detriment, harm injury, उपकार का विपरीत, बुराई, हानि पहुंचाने वाला।
Apakaari non forgiver. अपकार करने वाला, हानि पहुंचाने वाला।
Apakarsh deterioration, decline, घटना, कम होना, हीन होना।
Apakarshan decrease in earned karma. पूर्वोपारजित् कर्मों की स्थिति एवं अनुभाग का कम हो जाना।
Apakram devolve; go away; retreat, law of movement, गमन-आगमन का नियम।
Apakshapat impartiality. निष्पक्षता, पक्षपातहीनता, पक्षपात का अभाव।
Apakva karma unmatured karma. जो कर्म सत्ता में है परंतु उदय में आने योग्य नहीं है।
Apakva paachan premature fruition of karma, udiranaa, उदीरणा, नहीं पके हुए कर्मों को पकाने के नाम उदीरणा है।
Apalaap repudiation, rejection of proposal or idea,concealing, hiding; concealment, evasion, or denial of truth or fact. सत्य विचार व भावनाओं को छिपाना।
Apanaapan sense of belonging to oneself; self identification; individuality; self consciousness; egotism,Potaapanu आत्माभिमान, स्वाभिमान, आत्मीयता।
Apar having nothing beyond or after, having no rival or superior, posterior, later, following, western, inferior, another, different, distant, opposite, अतिरिक्त, अधिक, दूसरा, इतर, जिसकी बराबरी करने वाला या जिससे बढ़कर कोई न हो।
Apar Bhaava after existence, succession, continuation, भिन्न होने का भाव, अंतर, भेद।
Apar guru superior guru e.g. Gandhar etc. श्रेष्ठ गुरु।
Apar lok another word, paradise, स्वर्ग, दूसरा लोक।
Apar paksha later half of month, opposite side, defendant, सौर मास का कृष्ण पक्ष, प्रतिवादी।
Apar purush descendant, बंशज।
Apar raatri Time during 48 minutes after midnight till 48 minutes prior to sunrise. It is also known as vairaatrik. पिछली रात्रि, आधी रात के बाद दो घड़ी बीत जाने पर वहाँ से लेकर दो घड़ी रात रहे तब तक के काल को वैरात्रिक कहते हैं। साधुजन कृति कर्म पूर्वक वैरात्रिक स्वाध्याय करते हैं।
Apar ratra later half of the night, end of the night, रात का अंतिम या पिछला पहर, तड़का, प्रभात।
Aparaadh fault; offense, crime; sin. नियम विरुद्ध कार्य, परद्रव्य को ग्रहण करना।
Aparaadha fault; offense, crime; sin.
Aparaadhin not dependent on other, जो किसी के आधीन न हो, स्वतंत्र
Aparaahn later part of the day, time between 48 minutes after 12 noon till 48 minutes prior to sunset. This is also known as praadoshik. ( please also see kaalaachaar for further details.) दिन का तीसरा समय(लगभग तीन बजे)
Aparaajit unconquered, unbeaten; unconquerable; जो पराजित ना किया जा सके अथवा जिसे जीता ना जा सके, कल्पातीत देवों का विमान (अनुत्तर), विजयार्थ की दक्षिण व उत्तर श्रेणी का नगर, समवसरण की उत्तर दिशा का द्वार, जम्बूद्वीप के चार मुख्य द्वारों में से चौथा उत्तर द्वार।
Aparaajitaa kind of medicinal plant, a creeper of the clitoria genus ( clitoria ternata) or its flower; Goddess Durga.
Aparaapar another and another, various, एक को छोड़कर कोई और दूसरा, जो पर या बाद का हो, अन्य।
Aparaardhya without a maximum, unlimited असीमित देयता, अनन्त, निरवधि।
Aparam bhaav milder inclinations. Param bhaav is utkrust dasha exquisite condition. Aparam bhaav is milder inclinations. श्रद्धा-ज्ञान-चारित्र के पूर्णभाव को नहीं पहुंच सके हैं, साधक अवस्था में ही स्थित हैं।
Aparaspar not reciprocal, not one by other, one after another, जो आपस का न हो, निरन्तर, अन्योन्य।
Aparimaan without measure, immeasurable, immense, परिमाण रहित, बेअन्दाज, अकूत।
Aparimit unmeasured; immeasurable; vast, extensive, indefinite, unlimited, असीम, जो मापा न गया हो, जो परिमित न हो।
Aparimit guna unbounded excellencies,
Aparinaam absence of changes. परिवर्तन का अभाव।
Aparinaami unchanging, eternal, permanent, non transforming, immutable. परिणमन क्रिया रहित।
Aparinaman unchanging characteristics. जिसमें परिवर्तन न हो सके ऐसी विशेषताएं।
Aparyaapt incompletely developed, non developable, non developed, incomplete development of organs or faculties, incompletion, One who cannot accomplish any of the powers and who dies before any development is called undeveloped power. aparyaapti पूर्ण न होना, जो पर्याप्तियों को पूर्ण न करे।
Aparyaapti naam karma non developability genetic code, which prevents the full development of the six kinds of completions, name karma of incompletion, आहार, शरीरी, इन्द्रिय, श्वासोच्छवास, भाषा और मन इन पर्याप्तियों को जिस नामकर्म के उदय से पूर्ण न किया जाये।
Aparyavasthit infinite, infinity अनंत।
Apasaran regression, घटना – विशुद्धता की वृद्धि से स्थितिबंध का क्रम घटना स्थितिबंधापसरण है।
Apavaad sutra the sutra concerning the exceptions of the general rule of conduct, सामान्य नियम को वाधित करने के लिए अपवाद या विशेष सूत्रों का निर्माण होता है, उत्सर्ग सूत्र।
Apavarg salvation, मोक्ष।
Apavarg nirupan nature of emancipation, मोक्ष का कथन।
Apavartan cancellation, घटना, कम होना।
Apavartya shortening by the presence of external objects such as passions weapons etc. विष, शस्त्र आदि बाह्य निमित्तों के मिलने पर आयु का घट जाना।
Apavaryaayushya those whose lives are cut short, उपघात के निमित्त विष शस्त्रादिक बाह्य निमित्तों के मिलने पर जो आयु घट जाती है वह अपवर्त्य आयु कहलाती है।
Apekshaa consideration of, reference, expectation, regard, kishi dharma ko mukhya karna is apekshaa, To give importance to some property of a substance is known as apeksha , desire; need, requirement; [gr.] </br>presence of a word necessary to complete sense; reference; regard to; dependence of; connection of cause and effect; expectation; hope; need requirement;with regard to;</br>There are three meanings of apekshaa:</br>one: is in the form of dependency, expectation second: avinaabhaavi panaa-dravya has apekshaa of the mode. Here it is in the form of concomitance, third: vivakshit dharma ko mukhya karnaa apeksha hai - to give importance to some property of a substance. Other name for this is naya. विवक्षा, प्रधानता
Apekshit considered, referred to, expected, required, wished, wanted, desired प्रत्याशित, जिसकी अपेक्षा या आशा की गई हो, जिसे चाहा गया हो।
Aphal fruitless; wasted, useless barren. जिसका कोई फल या परिणाम न हो।
Aphoh assimilation, negation of opposite, जिसके द्वारा संशय के कारणभूत विकल्प का निराकरण किया जाता है।
Aphorism an original thought written or spoken in concise and memorable form, कहावत।
Apitu but, बल्कि, किंतु, परन्तु।
Apkaay water bodies, water creatures, पानी जिसका शरीर है।
Apkaayik water bodied, जल शरीर को धारण करने वाले जलकायिक एकेन्द्रिय जीव।
Apkarshan hintaa, disgrace, ignominy; low position. पूर्वोपार्जित कर्मों की स्थिति एवं अनुभाग का कम हो जाना।
Apoh to strip off, denying, to strip off, removing, जिसके द्वारा संशय के कारणभूत विकल्प का निराकरण किया जाता है।
Apoh vaad is the name given to the theory according to which an object is conceived to be negation of its opposite, Dignaata is the earliest exponent of this theory, negationnist शब्द तथा अर्थ सम्बंध के विषय में बौद्धों का मत अपोहवाद
Apohak tyaajak, tyaag karnaar, one who is giving up. one who discards, remover, त्याग करने वाला, जो त्याग देता है,दूर करने वाला।
Apohruptaa Entirely different forever, forever negativity, to end the relationship with each other, sarvathaa nakaaraatmakpanu, sarvathaa bhinntaa. एक पदार्थ के अभाव से दूसरे के सद्भाव को दर्शाना जैसे घट का अभाव ही पट है या द्रव्य का अभाव ही गन है इत्यादि।
Apraapt kaal violetion of the temporal order, प्रतिज्ञा आदि अवयवों का जैसा लक्षण कहा गया है, उससे विपरीत आगे पीछे कहना। अर्थात जिस अवयव के पहले या पीछे जिस अवयव के कहने का समय है, उस प्रकार से न कहने को अप्राप्त काल नामक निग्रहस्थान कहते हैं।
Apradarshit vyatirek undemostrated concomitance indifference, सत् होने के कारण शब्द अनित्य है, जो जो नित्य नहीं होता , वह-वह सत् भी नहीं होता’ इस हेतु में दिया गया “आकाशपुष्पवत्” यह दृष्टान्त अप्रदर्शित व्यतिरेकी है।
Apradarshitaanvay undemonstrated concomitance in agreement, कृतक होने से शब्द अनित्य है’ इस हेतु में दिया गया ‘घटवत्’ यह दृष्टान्त अप्रदर्शितान्वय है।
Apradeshi having only one space point. Absolute time occupies only one space point. – जिसप्रकार अणु एक प्रदेश रूप होने के कारण उसके द्वितीयादि प्रदेश नहीं होते, इसलिए अणु को सप्रदेशी कहते हैं, उसीप्रकार काल परमाणु भी एक अदेशरूप होने के कारण अप्रदेशी है।
Apramaa error, भ्रांत ज्ञान, अयथार्थ ज्ञान।
Apramaan erroneous cognition, अज्ञान, मिथ्याज्ञान।
Apramaan dosh eating without measure, i.e more than what is permissible, उदर के दो भाग रोटी आदि से पूर्ण करना होता है, एक भाग रस, दूध, पानी आदि से भरना होता है और एक भाग खाली रखना होता है। यह आहार का प्रमाण है, इसका अतिक्रमण करके आहार लेना अप्रमाण दोष है।
Apramatt not careless, attentive .non slothful; vigilant, active. vigilant of duties, to be attentive in self, a state of soul in which the soul is attentive in itself प्रमादरूप परिणामों का अभाव।
Apramatt sanyat perfect self control, सांतवें गुणस्थान वाले साधु जो संयम को प्राप्त करके, प्रमाद का अभाव होने से अविचलित संयमी होते हैं एवं निरंतर आत्मध्यान में लीन रहते हैं।
Apramatt virat perfect vowed, seventh stage of spiritual development stage, 7 वां गुणस्थान-संज्वलन, नोकषाय का मंद उदय होने से मुनि के प्रमादरूप परिणाम का अभाव होना, 7वें गुणस्थानवर्ती मुनि को भी अप्रमत्तविरत कहते हैं।
Aprashasta not praiseworthy, contemptible, censurable; low mean; inferior, non gracious, जिन कार्यों से प्राणियों को पीड़ा होती है।
Aprashasta raag raag for raag. Prashasta raag means raag for vitragtaa,devotion in prayer for lord, teacher and scriptures. woman, king, thief and food related gossips and having inclination of attachment for these things are known as aprashasta raag. सांसारिक वस्तुओं से लगाव।
Aprasiddh unknown, not famous, unpublished. जो प्रसिद्ध नहीं है, जो संदेह आदि होने से अनिश्चित है।
Apratibaddh independent, without any obstruction. गैरजिम्मेदार, जिस पर रोक-टोक न हो।
Apratibuddh ignorant soul, away from spiritual wisdom. आत्मा का कर्म-नोकर्म में अहंबुद्धि का होना।
Apratihat unobstructed, irresistible, uninterrupted, unaffected, unimpaired, indestructible, uninjured. – जिसे कोई न रोक सके, निर्बाध, अप्रभावित।
Apratikraman The interaction with other living beings and things that happened in the past (for example, past events of vacationing, litigation, wedding, cooking, etc.); and the related psychic concern. प्रतिक्रमण से रहित अवस्था; यह दो प्रकार की है – अज्ञानी जनों के आश्रित हेय-उपादेय के विवेक शून्य निरर्गल प्रवृत्ति रूप, ज्ञानी जीवों के आश्रित अभेद रत्नत्रय या त्रिगुप्ती रूप अर्थात ध्यान रूप हैं, ज्ञानीजनों आश्रित प्रतिक्रमण का नाम निश्चय प्रतिक्रमण भी है।
Apratipad confused. अविश्वसनीय।
Apratipat infallibility , non termination, non destroyable जो नष्ट न हो सके।
Apratipatin infallible अचूक।
Apratipatti non ascertainment, not understanding, state of being undecided.non performance, failure., default of understanding, agnaan, ignorance. अनुपलब्धि।
Apratyaakhyaan The interaction with other living beings and things likely to happen in the future (for example, events of vacationing, litigation, wedding, cooking, etc. likely to happen in the future); and the related psychic concern. अपूर्ण त्याग, एकदेश त्याग, थोड़ा चरित्र।
Apratyaakhyaani kashaay partial vow preventing toxic emotions, passions जो कषाय आत्मा को देशविरति चरित्र प्राप्त करने में बाधा पहुँचाए अथवा त्याग के परिणाम मे जो कषाय बाधक बनती है।
Aprayojak without any motive, useless. अग्राह्य, अस्वीकृत।
Apruthagbhut abhinn, inseparable, अभिन्न, जो पृथक नहीं है।
Apunarbandhak The living being who is now not going to have bondage of karma in intense state. जो जीव भाव से पापकर्म नहीं करते, आत्मा के संसार परिभ्रमण को जो अच्छा नहीं मानती है अर्थात जिसे संसार सुखों का तीव्र राग नहीं होता है, जो आत्मा सर्वत्र प्रकार की मर्यादाओं का औचित्य पालन करती है।
Apunarbhav moksha, liberation, दुबारा जन्म नहीं होना, मोक्ष।
Apunarukt never to be repeated again. जो फिर से न कहा जाये।
Apurva unprecedented, incomparable, extra ordinary, unparalleled दुर्लभ, सुंदर, अभूतपूर्व, जो पहले कभी नहीं हुआ हो।
Apurva karan process of self meditation through which the soul attains unprecedented degree of purity.And where the dispositions of prior and posterior moments are not uniform but are necessarily unique (Apoorva) only, such stage is called Apoorva Karana (highly progressive thought activity). For example, the dispositions of that Karana found in its first moment are not found to be of the same purity of any other Jiva who is in the second,etc. moments, rather are increasingly more and more pure.And here in this state, like Adhah Karana, the Jivas who are found to be in the first moment only, the dispositions of all those Jivas may be found to be uniformly pure or may be with more or less degree of purity also; but here the speciality is this that the lowest order purity of dispositions of the Jivas belonging to second, etc. moments are found to be having infinite times more purity than that of the highest degree of purity of the Jiva of first moment. Similarly, the dispositions of all those Jivas who after entering this Karana have reached in the second, etc. moments, may be either uniformly pure or may have different degrees of purity, but the dispositions of Jivas of higher moments are not at all found to be of identical purity but are found to be of greater and greater degree of purity in comparison to the Jiva of lower moments. Such are dispositions in the state of Apoorva Karana (highly progressive thought activity) After Adhak Karan, Apoorva Karana starts. Its duration is a fractional numerical part of the period of Adhah Karana. Here also the aforesaid (four things of adhah karan) four essentials take place: (i) whatever was the duration of the existing past karmas, he decreases it by one Antar Muhurta every moment, this is Sthiti Kandak Ghata (destruction of duration bondage); (ii) further he decreases the fruition of the existing past karmas by one Antar Muhurta of lesser time than the earlier one; this is Anubhaga Kandak Ghata (destruction of fruition bondage) and (iii) in the period of Guna Shreni (dissociation of old karmas in increasing geometrical progression) he causes innumerable fold times of karmas' stock to become suitable for dissociation (Nirjara); this is Guna Shreni Nirjara. And Guna Sankramana (transformation of Prakritis into one another) does not occur here, but occurs at some other place in Apoorva Karana.(Moksha Marg Prakashak 7th chapter samyak sanmukh mithyadrasti) करण शब्द का अर्थ परिणाम है और जो पूर्व अर्थात पहले नहीं हुए उन्हें अपूर्व कहते हैं इसका तात्पर्य यह है कि नाना जीवो की अपेक्षा आदि से लेकर प्रत्येक समय में क्रम से बढ़ते हुए असंख्यात लोक प्रमाण परिणाम वाले इस गुणस्थान के अंतर्गत विवक्षित समयवर्ती जीवों को छोड़कर अन्य समयवर्ती जीवों के द्वारा अप्राप्य परिणाम अपूर्व कहलाते हैं अर्थात विवक्षित समयवर्ती जीवो के परिणामों से भिन्न समयवर्ती जीवों के परिणाम असमान अर्थात विलक्षण होते हैं इस तरह प्रत्येक समय में होने वाले अपूर्व परिणामों को अपूर्व करण कहते है।
Apurvaarth The substance which was never been decided with its true nature with right knowledge in the past, is known as apurvaarth. Comprehensive knowledge makes decision regarding such type of apurvaarth. Jis padaarth kaa pahale kabhi kisi sachche gnaan se nirnay nahi huaa ho use apurvaarth kahate hai. Pramaan gnaan aise apurvaarth kaa nischay kartaa hai. The conceptual knowledge is the second part of the congnitive knowledge ( ihss gnaan mati gnaan ka dushraa bhed hai). The subject of this conceptual knowledge is considered as apurvaarth Pariksha mukh chapter 1 sutra 4. Any substance known by comprehensive knowledge but still there is some doubt, illusion (erroneous congition) or inconclusiveness (Sanshay viparyay ane anadhyavashay) then also that substance is known as apurvaarth. (pariksha mukh chapter 1 sutra 5) जो पदार्थ पूर्व में किसी भी प्रमाण द्वारा निश्चित न हुआ हो।
Apvaad exception, unique, censure. blame अवर्णवाद, आक्षेप, अलौकिक।
Apvaad ling soul with attachment परिग्रह सहित लिंग।
Apvaad marga exceptional way, it indicates qualified form of dispassion, characterized by taking food, possession of sacred books, feather wisk (pinchhi) , and gourd (kamandal) and the acceptance of pupils. असमर्थ जनों द्वारा शुद्ध आत्मभावना के सहकारीभूत प्रासुक आहार, ज्ञान व उपकरण आदि ग्रहण करने का आचरण करना अथवा मुनियों की उत्कृष्ट चर्यारूप उत्सर्ग मार्ग से भिन्न स्थिर विकल्पी मुनियों की सराग चर्या।
Apvarga liberation, salvation,completion, fulfillment; absolution, moksha, end, emancipation of soul from bodily existence, exemption from further transmigration, final beatitude, दुःखदायी यमुना से अत्यंत विमुक्ति, मोक्ष।
Arakshaa fear of being without protection, पर्याय के नाश के पहले अंशिरूप आत्मा के नाश की रक्षा के लिए अक्षमता अरक्षा भय कहलाता है।
Arakshan non protection; non guarding; non defense. रक्षा का अभाव।
Aranyarudan cry in the wilderness, vain or wasted efforts ऐसी चिल्लाहट, पुकार या व्यथा निवेदन जिसकी ओर कोई ध्यान न देने वाला हो।
Aras without any taste, sapless, tasteless, not having faculty of tasting, having no taste for, having no taste, जिसमें रस न हो, रसहीन, फीका, स्वादहीन।
Arati absence of pleasure; disinterestedness; aversion, hatred, disliking – द्वेष, निरुत्सुकता, उदासीनता, अप्रीति।
Arghya very expensive, auspicious offering for lord, respectful reception of guest.Water rice etc. respectful reception of the guest with important materials like water rice etc. बहुमूल्य, पूजा में देने योग्य, भेंट देने योग्य।
Arihant omniscient lord, omniscient lord with physical body, one who has destroyed all obscuring karma. जिन्होंने चार घातिया कर्मों का नाश कर दिया है, जिनमें छियालीस गुण होते हैं और अठारह दोष नहीं होते हैं ।
Arop imputation, accusation; charge of guilt. – किसी पर अपराध या दोष लगाने की स्थिति, आक्षेप, एक पदार्थ में दूसरे पदार्थ के गुण-धर्म की कल्पना करना।
Arpan giving, offering; presentation, dedication, entrusting सौंपना, भेंट करना।
Arth Every attributes stay together so is called arth. Other meaning of ऋ धातु is “with whom one gets it” jenaathi pamaay te. Arth ऋ is the root of the verb. It means to move. Attributes keep on moving continuously forever. Therefor is known as arth.wealth, vidyamaan vastu, object, substance, self and non self substances, universe is eternal with self and non self substances, It is known as “arth”. (pravachansaar stanza 124). universe, ऋ धातु का अर्थ है गमन करना। जो निश्चय किया जाता है उसे अर्थ कहते हैं, जो पर्यायों को प्राप्त होता है या जो पर्यायों के द्वारा प्राप्त किया जाता है, यह अर्थ शब्द की व्युत्पत्ति है।इसके अनुसार अर्थ द्रव्य ठहरता है। प्रयोजन, धन, शब्द का अर्थ।
Arth kriyaa purposeful activity, प्रयोजनभूत कार्य।
Arth kriyaa sampann endowed with purposeful activity, प्रयोजनभूत क्रिया का पूर्ण होना।
Arth naya object naya as their nature is to determine object’s वस्तु के स्वरूप में वस्तुगत धर्मों के भेद से भेद करने वाला अथवा अभेद रूप से वस्तु को ग्रहण करने वाला अर्थनय है।
Arth paryaay guna paryaay, Mode of all the attributes except for “extension in to space” attribute’s mode without pradeshatva gun ni paryaay, attributive modification, substantive modification. they are of two types: natural substantive modification swabhaav arth paryaay and alienated arth paryaay-vibhaav arth paryaay. Arth paryaay is also known as guna-paryaay (ref: pravachansaar gaathaa 93).modes of infinite attributes. Dravya paryaay means modes of a substance. Arth paryaay means all the modes of attributes except for mode of the substance. Ref: Jain siddhant Praveshika English Q. no. 43 छहों द्रव्यों में समान रूप से होने वाले क्षणस्थायी सूक्ष्म परिणमन को कहते हैं, भावात्मक पर्यायों को अर्थ पर्याय कहते हैं।
Arth vikalpa abstraction (vikalpa) of the self and non self substances, Self and non self to be illuminating at the same time, knowledge, जिस ज्ञान में स्व-पर आकार प्रतिभासित होता है।
Artha samay system of reality कथन के निमित्त से ज्ञात हुए पंचास्तिकाय का ही वस्तु रूप से समवाय अर्थात समूह।
Arthaachaar Understanding the meaning and full significance of words, phrases and texts Arhthaachaar शास्त्र में कहे गए अनेकांत स्वरूप को ठीक-ठीक समझना अर्थाचार या अर्थशुद्धि है।
Arthaantar different substances, Bhinn panu, दूसरा आशय या तात्पर्य, न्याय में एक प्रकार का निग्रहस्थान।
Arthaanusaari following object or fact. अर्थ के अनुकूल।
Arthaapatti consequences, implication, presumption, inferential knowledge, supposition of the meaning, for example by seeing the flood one makes inference of rain, Postulation, presumption: postulation is valid source of knowledge pramaan for Mimaansaa and Advaita school. According to them it is of two types: 1:Postulation from what is heard Shrut arthaapatti. Example: Some one heard that city of Kashi is located on river Ganga. One makes implication from this that city can not be on the water. But it has to be on the bank of the river Ganga. 2: Postulation from what is seen Drashtaa artaapatti. Example: Fat Devdutt does not eat during day.That means implied meaning is to say that he eats at night. स्थिति विशेष को देखकर किसी अर्थ का अनुमान लगाना, जैसे बादल को देखकर बारिश का अनुमान लगाना।
Arthaavagraha known as clearly perceptible apprehension. This is the division of Sensory knowledge mati gnaan. All four divisions of mati gnaan are present here. i.e. perception, conception, judgement and retention. अप्राप्त पदार्थक ग्रहण को अर्थावग्रह कहते हैं, पदार्थ को ऐसा स्पष्ट जानना जिसके बाद ईहा, अवाय और धारणा हो सके वह अर्थावग्रह है।
Arthaavbodh meaning of the word or sentence knowledge of a thing, padaarth kaa gnaan.., शब्द या वाक्य के अर्थ का ज्ञान होना। શબ્દ અથવા વાક્યાના અર્થની સમઝ, અર્થબોધ,
Arthaavbodh saamaanya knowledge of soul as substance. पदार्थ के रूप में आत